Ranchi (Bhawna Thakur) : विस्तार है अपार, प्रजा दोनों पार करे हाहाकार, निःशब्द सदा ओ गंगा तुम, बहती हो क्यूं? नैतिकता नष्ट हुई, मानवता भ्रष्ट हुई, निर्लज्ज भाव से बहती हो क्यूं?… यही कुछ गुनगुना गए थे मशहूर और दिल अजीज भूपेन हजारिका। पर भूल गए लोग उनके गाने के पीछे छुपे इस दर्द को। शायद उन्हें आभास था गंगा मैली होती रहेगी। भोले बाबा की जटाओं से निकल हिमालय की गंगोत्री से लेकर महासागर तक फैली है गंगा। भारत ही नहीं विदेशों में बसे लोग भी गंगा की पवित्रता की कसम खाते हैं। वहीं आस्था ऐसी कि अमेरिका के मॉन्टी जिमरमैन अपनी पत्नी की अस्थि बहाने इंडिया के गंगा तट तक आए। वहीं इस बात पर मॉन्टी ने शोध करना भी शुरू कर दिया कि कैसे गंगा कभी मैली न हो।
कोरोना काल में यूपी और बिहार में लाशों का ठिकाना बना दिया गया है गंगा मईया को। गंगा शर्मसार है, ऐसी कई लाशें दफन कर दी गई, जो अब बहती गंगा की धारा में बाहर तैरती नजर आ रही है। यूपी गवरमेंट के मनाही के बावजूद कनौज, उन्नाव, कानपुर, गाजीपुर और बिहार के बक्सर और पटना में लाशें गिनी जा रही हैं। पहले अंतिम संस्कार गंगा के तट पर होता था, पर अब क्या हाल है गंगा मईया का? कैसे कब्रगाह बनाकर उनके ही बच्चों को उनकी ही गोद में दफना कर डाला। देखिए कैसे रोती है गंगा…












