Kohramlive : कभी लाखों दिलों की धड़कन रहे, गेंद की हर धार से विरोधियों की सांसें थमाने वाले मोहम्मद शमी, आज अपनी ही जिंदगी की पिच पर जूझ रहे हैं। वो मैदान, जहां भीड़ का शोर गूंजता था, आज खामोश है। और उस खामोशी में एक खिलाड़ी की टूटी मोहब्बत, टूटा घर और टूटी हिम्मत की परछाइयां तैर रही हैं। टीम इंडिया के दिग्गज तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी इन दिनों टीम से बाहर हैं। न तो वे इंग्लैंड टूर के लिये टेस्ट टीम में चुने गये, न ही एशिया कप 2025 के लिये। लंबे समय से क्रिकेट से दूर शमी ने एक टीवी शो ‘आप की अदालत’ में अपनी निजी जिंदगी को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किये।
आत्महत्या का ख्याल, लेकिन क्रिकेट ने बचाया
शमी ने कबूल किया कि “एक वक्त ऐसा आया कि मैंने जिंदगी खत्म करने के बारे में सोचा। लेकिन फिर लगा, जिस खेल ने मुझे नाम दिया, मैं उसे कैसे छोड़ दूं। सोचा जरूर, पर हुआ नहीं। भगवान का शुक्र है, वरना मैं वर्ल्ड कप मिस कर देता।” शमी और हसीन जहां की शादी 2014 में हुई थी। 2018 में पत्नी ने उन पर घरेलू हिंसा का इल्जाम लगाकर अलग हो गईं। 2015 में जन्मी बेटी की परवरिश का मामला भी कोर्ट तक पहुंचा। इस साल जुलाई में कलकत्ता हाईकोर्ट ने शमी को पत्नी और बेटी के लिये 4 लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया। शमी बोले, “पिछले 6-7 सालों में मुझ पर जितने आरोप लगे हैं, शायद किसी आतंकी पर भी इतने न लगे हों। सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरें और बातें सामने आती हैं, जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं। यही सबसे डराने वाली चीज है।” इल्जामों की आंधी चली, घरेलू हिंसा के, धोखे के, अदालत की गवाही के। इसी आंधी में मोहम्मद शमी का घर टूट गया, दिल बिखर गया। एक वक्त ऐसा आया जब शमी ने सोचा, “सब खत्म कर दूं।” एक खिड़की से झांकता अंधेरा उन्हें खींच रहा था। पर तभी याद आया, वो 22 गज की पट्टी, वो मैदान, जिसने उन्हें नाम दिया, पहचान दी, जर्सी दी।
जब दोस्ती ने थामा हाथ…
इन अंधेरे दिनों में, एक दोस्त ने उनका साथ थामा। विराट कोहली। जिसने कभी शमी की मां से मुलाकात भी नहीं की थी, लेकिन फोन पर उनकी हौसला अफजाई करता रहा। और जब शमी की मां सालों बाद स्टेडियम पहुंचीं, तो विराट सीधा जाकर उनके पैरों में बैठ गया। ये सिर्फ दोस्ती नहीं, बल्कि उस जख्मी दिल के लिये मरहम था। 64 टेस्ट, 108 वनडे, 25 टी-20, हर मैच शमी की कहानी कहता है। हर विकेट उनकी जंग का हिस्सा है। आज वो टीम इंडिया से बाहर हैं। पर आने वाला कल, वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया सीरीज शायद फिर से उनके लिये नया सवेरा बनकर लौटे।








