- छत्तीसगढ़ में रायपुर जिले के चंदखुरी गांव में है यह मंदिर
- भगवान राम की माता कौशल्या की जन्मस्थली होने की है मान्यता
कोहराम लाइव डेस्क : हनुमान मंदिर, शिव मंदिर, राम मंदिर। देश में न जाने कितने मंदिर होंगे। भगवान राम की माता कौशल्या का मंदिर भी कहीं है, ऐसा बहुत कम लोगों ने सुना होगा। जी हां, हम बात कर रहे हैं हमारे देश के छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले के चंदखुरी गांव में स्थित माता कौशल्या मंदिर की। यह भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में अपने तरह का इकलौता मंदिर है।
जलसेन तालाब के बीच में है मंदिर
भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या दीपावली के अवसर पर जगमगा रही। वहां त्रेता युग जैसा माहौल रहा। कुछ इसी तरह का माहौल छत्तीसगढ़ में राम वन गमन परिपथ में आने वाले चंदखुरी का रहा, जिसे भगवान राम की माता कौशल्या की जन्मस्थली होने की मान्यता प्राप्त है। 126 तालाबों के लिए मशहूर रायपुर जिले के चंदखुरी गांव में जलसेन तालाब के बीच में माता कौशल्या का मंदिर है, जो दुनिया में भगवान राम की मां का इकलौता मंदिर है। माता कौशल्या के जन्म स्थल के कारण ही इसे रामलला का ननिहाल कहा जाता है। यही कारण है कि दीपावली के अवसर पर चंदखुरी में भी उत्सव होता है। दीये जलाए जाते हैं और लोग राम की विजय और अयोध्या वापसी का जश्न मनाते हैं।
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विकसित किया जा रहा राम वन गमन पथ
यही कारण है कि छत्तीसगढ़ सरकार राम वन गमन पथ को विकसित करने को लेकर काम कर रही है। छत्तीसगढ़ के कोरिया से लेकर सुकमा तक राम वन गमन पथ का कण कण राममय किया जाएगा। इसके तहत 51 स्थलों का चयन किया गया है, जिसके लिए लगभग 137.75 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
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पग-पग पर होंगे रामलला के दर्शन
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को राम वन गमन पथ की यात्रा के दौरान पग-पग पर रामलला के दर्शन होंगे। परिपथ के मुख्य मार्ग सहित उप मार्गों की कुल लंबाई लगभग 2260 किमी है। इसके किनारे लगाए जाने वाले संकेतकों पर तीर्थ स्थलों एवं भगवान श्री राम के वनवास से जुड़ी कथाओं की जानकारी होगी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश सचिव एवं रायपुर के महापौर एजाज ढेबर ने कहा, भगवान रामलला के ननिहाल चंदखुरी का सौंदर्य अब पौराणिक कथाओं के नगरों जैसा ही आकर्षक होगा।
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