Chouparan(Krishna Paswan) : पहलगाम की घाटियों में आतंकी हमले के बाद चौपारण के शिक्षक भी भीतर ही भीतर तिलमिला उठे। जम्मू-कश्मीर की धरती पर 28 बेगुनाहों की नृशंस हत्या ने हर दिल को हिला दिया और चौपारण के मास्टर साहब चुप नहीं बैठे। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ, चौपारण इकाई ने काली पट्टी लगाकर स्कूलों में शिक्षण कार्य किया। यह न सिर्फ विरोध था, बल्कि उन मासूमों को श्रद्धांजलि भी, जिनका खून घाटी की मिट्टी में बहा।
कलम के सिपाही भी अब खामोश नहीं
प्रखंड अध्यक्ष कमलेश कुमार कमल ने कहा कि “यह आतंकी हमला मानवता पर कलंक है। हमारी कलाई पर काली पट्टी है, पर दिल में अंगार है। आज हम शिक्षा के मंदिरों में खामोश विरोध कर रहे हैं, पर हमारी चेतना जाग्रत है।” इस प्रतिकार में शामिल रहे सुरेंद्र कुमार दास, डॉ. प्रदीप साहू, जनार्दन प्रसाद वर्मा, राकेश कुमार, राजकुमार प्रजापति, कैंसर आलम, शशिकांत शर्मा, बद्दी उजमा, राकेश कुमार, राजेश कुमार, विजय कुमार, छोटन प्रसाद, आशे ये सिर्फ नाम नहीं, ये वो मशालें हैं जो हर गांव-स्कूल से देश के लिए जल रही हैं। शिक्षकों का कहना था कि “देश पर हमला करोगे, तो जवाब कलम से भी मिलेगा और कर्म से भी।
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