Hazaribagh(Sunil Sahu) : सीमा सुरक्षा बल के अग्रणी प्रशिक्षण केंद्र एवं विद्यालय मेरू कैंप ने अपने 59 वें स्थापना दिवस को यादगार बनाया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन हुआ। इस संस्थान की स्थापना 18 नवम्बर 1966 को लेफ्टिनेंट कर्नल आर0 पी मैकिलिफ द्वारा की गई। इस संस्थान में केन्द्रीय सशस्त्र बलों, राज्य पुलिस बलों एवं IRB के प्रशिक्षुओं को भी खास ट्रेनिंग दी जाती है। भारत सरकार द्वारा संस्थान को “सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स“ की मान्यता प्रदान की गई है। जिसमें सी0आई0-सी0डी0ओ0 व बी0डी0 कोर्स शामिल है। इन्ही विशेषताओं के कारण संस्थान को आई0 एस0 ओ0 9001-2015 प्रमाणित संस्थान का दर्जा दिया गया है।
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में मेरू परिसर में सभी सीमा प्रहरियों के लिए विशेष संस्कृतिक कार्यक्रम और प्रहरी भोज का आयोजन किया गया। इस मौके पर सेवानिवृत्त कार्मिको को आमंत्रित किया गया। भोज में मेरू कैम्प के समस्त छोटे-बड़े अधिकारी शामिल हुये। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सीमा सुरक्षा बल के जॉज और ब्रास बैण्ड की रंगारंग प्रस्तुति व देशभक्ति गीतों ने प्रहरी भोज में उपस्थित कार्मिकों का दिल जीत लिया। हजारीबाग मेरू कैंप के बावा प्रमुख नीतू बन्याल के नेतृत्व में परिसर में प्रहरी संगिनियों एवं बच्चों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित दोपहर का भोज का आयोजन किया गया। जिसमें वरिष्ट बावा सदस्याएं, प्रहरी संगिनियां एवं उनके परिजन बडी संख्या में उपस्थित रहे।
स्थापना दिवस पर सीमा प्रिया हॉल में महानिरीक्षक की अध्यक्षता में सैनिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन के दौरान बीते वर्ष बेहतर कार्य करने वाले कार्मिकों को महानिरीक्षक द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। महानिरीक्षक ने अपने संबोधन संदेश में कहा कि प्रशिक्षण केन्द्र एवं विद्यालय की ख्याति हरेक किसी के मेहनत और लगन का परिणाम है। ये केंद्र अपनी ख्याति को बनाये रखते हुये नई ऊंचाईयों को छूएगा।











