Ranchi : झारखंड के अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने मंगलवार को रांची स्थित कल्याण कॉम्प्लेक्स में विभागीय समीक्षा बैठक की। बैठक में योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन से लेकर युवाओं को सशक्त करने तक कई अहम मुद्दों पर निर्णय लिये गये। मंत्री लिंडा ने कहा “सरकार की प्राथमिकता है कि हर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है।”
बैठक के कुछ प्रमुख बिंदु इस प्रकार रहे
🔹 CMEGP योजना: युवाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण प्रक्रिया को आसान बनाने और योजना का अधिक प्रचार-प्रसार करने पर ज़ोर।
🔹 धार्मिक पर्यटन: सिरसी-ता-नाले महोत्सव को राज्य के धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर लाने की योजना।
🔹 आदिवासी क्षेत्र विकास: कोल्ड स्टोरेज, अस्पताल और प्रोसेसिंग यूनिट जैसी परियोजनाओं की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
🔹 OBC छात्रवृत्ति: केंद्र से लंबित 275 करोड़ रुपये की राशि को शीघ्र निर्गत कराने की प्रक्रिया शुरू।
🔹 धूमकुड़िया भवन: सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए बजट और संचालन व्यवस्था पर चर्चा।
🔹 हिंदपीढ़ी कोचिंग सेंटर: आदिवासी छात्रों के लिए फिजिक्स वाला संस्था के सहयोग से नि:शुल्क कोचिंग की तैयारी।
🔹 विदेश छात्रवृत्ति योजना: ‘मारांग गोमके’ योजना के विस्तार और चयन प्रक्रिया की समीक्षा।
🔹 आदिवासी महोत्सव: 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर राज्यस्तरीय महोत्सव के आयोजन की तैयारी।
🔹 छात्रावास पोषण योजना: आदिवासी छात्रावासों में पोषण मानकों की समीक्षा और सुधार के निर्देश।
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि “वास्तविक बदलाव तब होगा, जब योजना सिर्फ कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखेगी।” बैठक में विभागीय सचिव कृपानंद झा और आयुक्त कुलदीप चौधरी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।












