Chouparan(Krishna Paswan) : बिगहा स्थित चंद्रवंशी भवन परिसर में आस्था का ऐसा दरिया उमड़ा, जहां भक्ति की लहरों ने सबको अपने संग बहा लिया। श्री श्री 108 रूद्र महायज्ञ सह द्वितीय वार्षिक उत्सव का समापन भव्य हवन और महाप्रसाद के साथ हुआ। हजारों श्रद्धालुओं की आंखों में श्रद्धा के दीप जल उठे, जब शिवलिंग की भव्यता के दर्शन हुये। महाकाल की तर्ज पर शिवधाम को जिस अनुपम रूप में सजाया गया, उसने हर भक्त का मन मोह लिया। यज्ञ के अंतिम दिन हजारों श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आये। विशाल भंडारे में पांच हजार से अधिक भक्तों ने महाप्रसाद ग्रहण किया, जहां स्नेह और समर्पण की सुगंध हवा में घुली रही। पूजन मंडप में श्रद्धालुओं की कतारें इतनी लंबी थीं कि समर्पण का सैलाब उमड़ पड़ा। यह आयोजन भक्ति की वह नदी थी, जिसमें डूबकर हर मन निर्मल और पवित्र हो गया।
अयोध्या से आईं मानस प्रवक्ता ने बांधा भक्ति का समां
महायज्ञ के दौरान अयोध्या से पधारीं मानस प्रवक्ता मिथिलेश्वरी जी के प्रवचन ने भक्तों को भक्ति और प्रेम की उस गहराई में डुबो दिया, जहां शब्द कम पड़ गये और भावनायें बोलने लगीं। विशेषकर महिलायें उनके प्रवचन में मंत्रमुग्ध हो गईं और वातावरण हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। इस आयोजन में सबसे आकर्षण का केंद्र था मंदिर में प्रतिष्ठित भव्य शिवलिंग, जो अपनी दिव्यता से सबका मन मोह रहा था। चार फुट ऊंचे इस अलौकिक शिवलिंग को मध्यप्रदेश की नर्मदा नदी से लाया गया था, और विशाल अर्घ्य राजस्थान से मंगाया गया। जब इस शिवलिंग को महाकाल की तर्ज पर अलौकिक रूप में सजाया गया, तो ऐसा लगा मानो स्वयं भोलेनाथ ने इस भूमि पर अपना वास कर लिया हो।
इस अद्भुत आयोजन में क्षेत्र के जाने-माने राजनेताओं और समाजसेवियों की उपस्थिति रही। विधायक मनोज यादव, सिमरिया विधायक उज्जवल दास, पूर्व विधायक अकेला यादव, इंस्पेक्टर चंद्रशेखर प्रसाद, थाना प्रभारी अनुपम प्रकाश समेत कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे। इस महायज्ञ को सफल बनाने में चंद्रवंशी समाज के सैकड़ों लोगों ने तन-मन से योगदान दिया। आयोजन समिति के सदस्य दिन-रात भक्ति और सेवा में डूबे रहे, ताकि इस महायज्ञ की आभा अनंत तक बनी रहे।










