Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा से लेकर रांची तक झारखंड की सियासत में हलचल मच गई है। चाईबासा में थैलीसीमिया से पीड़ित मासूम बच्चों को कथित रूप से HIV संक्रमित रक्त चढ़ाये जाने के मामले ने राज्य की राजनीति में आग लगा दी है। भाजपा ने इस दर्दनाक घटना को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर सीधा हमला बोला है। पार्टी ने इसे “मानवता पर हमला और सरकारी संवेदनहीनता की पराकाष्ठा” करार दिया है।
भाजपा जिला मीडिया प्रभारी रितेश चौबे ने गरजते हुये कहा कि जब तक दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलती, भाजपा कार्यकर्ता चैन से नहीं बैठेंगे। यह लड़ाई सिर्फ उन मासूम बच्चों की नहीं, बल्कि झारखंड की हर मां की अस्मिता की है।उन्होंने ऐलान किया कि इस अन्याय के खिलाफ भाजपा 3 नवंबर (सोमवार) को गढ़वा सदर अस्पताल परिसर में सुबह 11 बजे से “महाधरना” देगी। चौबे ने कहा कि यह सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि झारखंड की आत्मा की पुकार है।
रितेश चौबे ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर जमकर निशाना साधा। कहा कि यह झारखंड के इतिहास के सबसे कमजोर स्वास्थ्य मंत्री साबित हुये हैं। अस्पतालों में अव्यवस्था का साम्राज्य है, गरीब जनता इलाज से पहले ही भयभीत हो रही है। सरकारी अस्पताल अब इलाज के केंद्र नहीं, मौत के कुएं बन चुके हैं।” भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि जब उनके कार्यकर्ता चाईबासा में इस शर्मनाक घटना के विरोध में उतरे, तो पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। चौबे ने कहा कि झामुमो सरकार जनता की आवाज नहीं सुनना चाहती। जो बोलेगा, उसे कुचला जायेगा, यही इस सरकार की नीति बन गई है। भाजपा ने ऐलान किया है कि जब तक पीड़ित बच्चों को न्याय नहीं मिलता, आंदोलन रुकने वाला नहीं है। “यह लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक चलेगी, झारखंड की जनता अब चुप नहीं बैठेगी।






