Lohardaga (Gautam Lenin) : लोहरदगा के कोरगो जंगल में इनकाउंटर में पुलिस ने ईनामी सब जोनल कमांडर चंद्रभान पाहन को ढेर दिया। वहीं पुलिस की गोली लगने से नक्सली गोविंद विरिजिया जख्मी हो गया। उसके पांव में गोली लगी है। उसे बेहतर इलाज के लिये रांची के रिम्स में रेफर किया गया है। वहीं एक उग्रवादी दीपक जिंदा पकड़ा गया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने जोरदार सर्च ऑपरेशन चलाया। करीब 2 सौ से ज्यादा शक्तिशाली IED बम मिले हैं। वहीं ढेर सारे अन्य सामान भी मिले हैं। मारा गया चंद्रभान पाहन पर 5 लाख रुपये का ईनाम था। वह कुख्यात माओवादी रवीन्द्र गंझू का सबसे करीबी माना जाता था।
खूंखार चंद्रभान को मार गिराने के बाद से लोहरदगा पुलिस का इकबाल बुलंद है। फिलहाल मुठभेड़ को लेकर पुलिस के किसी छोटे-बड़े अधिकारी ने कुछ भी नहीं बोला है। वो खामोश हैं। संभावना है कि कल तक पुलिस पूरे मामले का खुलासा कर सकती है। सूत्रों के अनुसार लोहरदगा पुलिस कप्तान आर रामकुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि बगड़ू थाना क्षेत्र के कोरगो जंगल में माओवादियों का मूवमेंट है। उनका इरादा खतरनाक है। किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में जंगल में जुटे हैं। इस सूचना को उन्होंने गंभीरता से लिया।
एक स्पेशल टीम बनाई गई। इसमें जिला पुलिस और CRPF के जवानों को शामिल किया गया। DSP और इंस्पेक्टर स्तर के भी कई अधिकारी थे। गठित टीम कोरगो जंगल में घुसी। पुलिस को देखते ही माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाल ली। दोनों तरफ से कई राउंड गोलियां चली। इस मुठभेड़ में ईनामी सब जोनल कमांडर चंद्रभान पाहन मारा गया। पुलिस डेड बॉडी को अपने कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिये भेजा। डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। इसका वीडियो रिकॉडिंग भी किया गया। खबर लिखे जाने तक पुलिस जंगल में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। ड्रेगन लाइट का इस्तेमाल किया जा रहा था।

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