रांची : 9 एमएम पिस्टल और 30 जिंदा गोलियां लेकर भागने वाले बॉडीगार्ड राजू कुमार का लोकेशन बिहार के जहानाबाद में मिला है। पुलिस जोर-शोर से उसकी तलाश कर रही है। पुलिस यह भी आशंका जता रही है कि भागने वाले सिपाही ने मोबाइल बंद कर दिया हो और यह सिम दूसरे किसी को अलॉट हो गया हो। पुलिस इस बिंदू पर भी जांच कर रही है। खबर लिखे जाने तक उसका लोकेशन जहानाबाद दिखा रहा था।
बता दें कि रांची पुलिस लाइन के शस्त्रागार प्रभारी दशरथी मुर्मू के बयान पर गोंदा थााने में 4 दिसंबर 2020 को उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया था। दर्ज एफआईआर में राजू कुमार पर बिना सूचना दिए एक 9 एमएम पिस्टल और 30 जिंदा गोलियां लेकर भाग जाने का आरोप है।
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क्या है पूरा मामला
सीएम सुरक्षा में तैनात डीएसपी का बॉडीगार्ड राजू कुमार एक 9 एमएम पिस्टल और 30 जिंदा गोलियां लेकर भाग गया। इस बात का खुलासा तब हुआ जब डीएसपी अविनाश कुमार से पूछा गया आपका बॉडीगार्ड राजू कहां है। जवाब में डीएसपी ने कहा- मेरा तबादला 12 जून 2017 को ही सरायकेला हो गया था। उसी दिन राजू को रांची पुलिस लाइन में योगदान देने की बात कहकर वापस भेज दिया था। हैरत की बात ये है इस तरह के चरित्र वाले सिपाही (संख्या 713) को डीएसपी का बॉडीगार्ड बनाना और उस परिस्थिति में जब डीएसपी सीएम की सुरक्षा में तैनात हो।
बॉडीगार्ड के भाग जाने की मिली खबर के बाद रांची पुलिस महकमे में खलबली मच गई। आनन-फानन में एएसआई मिथिलेश कुमार सिंह और भीम सिंह को राजू को खोज निकालने की जिम्मेवारी सौंपी गई। राजू का घर कांटाटोली में है। यहां से पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। सर्विस बुक में दर्ज पता और ठिकाना का भी सत्यापन नहीं हो सका। रांची पुलिस लाइन के शस्त्रागार प्रभारी दशरथी मुर्मू के बयान पर गोंदा थााने में 4 दिसंबर 2020 को एफआईआर दर्ज किया गया। क्या है एफआईआर में, पढ़ें नीचे…


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