Ranchi, Ormanjhi(Kuldeep/Amitabh) : राजधानी रांची से सटे ओरमांझी के बिरसा जैविक उद्यान की शेरनी प्रियंका नहीं रही। दहाड़ की जगह एक सन्नाटा जो छोड़ गया। “ये वो शेरनी थी, जिसकी आंखों में जंगल की गहराई थी और चाल में रॉयल्टी की रवानी। भगवान बिरसा जू की रानी अब इस दुनिया में नहीं रही। 21 मई की रात, जब पूरा शहर गहरी नींद में था, रांची के बिरसा जैविक उद्यान में एक सन्नाटा गूंज उठा। हाईब्रिड मादा शेरनी ‘प्रियंका’ ने रात 11 बजे अंतिम सांस ली। साल 2014 में बैंगलोर के बन्नरघट्टा चिड़ियाघर से रांची लाई गई प्रियंका, जैविक उद्यान की पहचान बन चुकी थी। करीब 15 वर्षों की उम्र में उसने अपनी जीवन-यात्रा पूरी की। 21 मई को दोपहर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ी। उद्यान के पशु चिकित्सकों ने तुरंत इलाज शुरू किया, ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिये भेजा, मगर नियति को कुछ और ही मंजूर था। उसी रात, प्रियंका चल बसी। 22 मई को रांची पशु चिकित्सा महाविद्यालय के पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. एम.के. गुप्ता की देखरेख में शेरनी का पोस्टमार्टम हुआ। डॉक्टरों के मुताबिक मौत का कारण बच्चेदानी का गंभीर संक्रमण रहा। हाईब्रिड प्रजातियों की उम्र और प्रतिरोधक क्षमता सीमित होती है और प्रियंका ने अपने जीवन की पूरी लड़ाई लड़कर अंत में मौन विदाई ली। प्रियंका अब इस दुनिया में नहीं है, पर उसकी दहाड़, उसकी शान और उसके प्रति बच्चों की मुस्कुराहट, सदा यादों में जीवित रहेगी प्रियंका के जाने से जू नहीं, एक पूरा एहसास सूना हो गया।
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— KohramLive (@KohramLive) May 22, 2025








