Bihar : 10 मई की वो शाम, जब सीमापार से छलनी की गई गोलियों ने एक बेटे की सांसें छीन लीं, तब बिहार के सारण की जमीन कांप उठी थी। गरखा थाना क्षेत्र का नारायणपुर गांव, जहां अब चूल्हे की आग नहीं, आंखों के आंसू सुलग रहे हैं। देश की सरहद पर, दुश्मन की गोली का शिकार हुआ BSF का बहादुर सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज, अब इस गांव की मिट्टी में अमर हो चुका है। आज दोपहर, जब पूरे राजकीय सम्मान के साथ इम्तियाज का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो कंधे थरथरा रहे थे और मां की पुकार, “मेरा बेटा वापस आ गया है, मगर अब बोलेगा नहीं।” ये सन्नाटा गांव की हर गली में आज भी पसरा है। इसी वीर सपूत की वीरता को नमन करने कल यानी मंगलवार को बिहार के CM नीतीश कुमार खुद नारायणपुर गांव पहुंचेंगे। वो उन डबडबाई आंखों में हौंसले का दीपक जलाने आयेंगे, जो अब तक दरवाजे की चौखट पर टकटकी लगाये बैठी हैं। CM नीतीश कुमार 21 लाख की सम्मान राशि का चेक शहीद के परिवार को देंगे। वहीं, एक पिता की पीड़ा समझेंगे, एक पत्नी की टूटी चूड़ियों में देश का मान देखने आ रहे हैं और उस नन्हे से बच्चे की तरफ देखने आ रहे हैं, जिसके सिर से पिता का साया उठ गया, लेकिन देश ने वादा किया है, “अब पूरा हिंदुस्तान तेरा पिता है।” CM पहले ही सोशल मीडिया पर लिख चुके हैं, “इम्तियाज की शहादत को देश कभी नहीं भूलेगा। उनके साहस को सलाम।”












