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बाढ़ में बह गईं कृतिका की किताबें, मगर DC ने नहीं बहने दिया पढ़ाई का सपना…

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Palamu : बाढ़ का पानी जब घर में घुसता है तो सिर्फ सामान नहीं बहाता, कई बार वह उन सपनों को भी अपने साथ ले जाता है जिन्हें एक गरीब परिवार बड़ी मुश्किल से सींच रहा होता है। लेकिन पलामू की पांचवीं कक्षा की छात्रा कृतिका कुमारी की कहानी में एक खूबसूरत मोड़ तब आया, जब उसकी छोटी-सी फरियाद प्रशासन के दरवाजे तक पहुंची। कोयल नदी के उफान में कृतिका की किताबें, कॉपियां, स्कूल बैग, यूनिफॉर्म और पढ़ाई का जरूरी सामान बर्बाद हो गया। घर की हालत ऐसी नहीं थी कि परिवार दोबारा सब कुछ खरीद सके। पढ़ाई छूटने का डर मन में लिये कृतिका अपनी मां के साथ जन समाधान दिवस में पहुंची और DC दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के सामने अपनी बात रखी। उसकी मासूम आवाज में शिकायत कम और पढ़ने की बेचैनी ज्यादा थी, उसे बस फिर से स्कूल जाना था।

कोयल का पानी घर में घुसा, किताबों पर टूट पड़ा कहर

मेदिनीनगर नगर निगम के वार्ड नंबर-2 स्थित बैंक कॉलोनी के पास रहने वाली कृतिका कक्षा पांच में पढ़ती है। पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद कोयल नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। देखते ही देखते इलाके में बाढ़ की स्थिति बन गई और पानी कृतिका के घर में भी घुस गया। घर का राशन और जरूरी सामान तो प्रभावित हुआ ही, कृतिका का स्कूल बैग, किताबें, कॉपियां और यूनिफॉर्म भी पानी की भेंट चढ़ गये। कुछ सामान पानी के तेज बहाव में बह गया, तो कुछ कीचड़ में इस कदर खराब हो गया कि उसे बचाना संभव नहीं रहा।

 ‘मुझे फिर से स्कूल जाना है…’

किताबें चली गईं तो कृतिका के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया, अब वह स्कूल कैसे जायेगी? बाढ़ ने परिवार की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया था। ऐसे में नये सिरे से किताबें, कॉपियां और स्टेशनरी खरीदना आसान नहीं था। लेकिन पढ़ाई छोड़ देना कृतिका को मंजूर नहीं था। वह अपनी मां के साथ जन समाधान दिवस पहुंची। वहां उसने DC को अपनी परेशानी बताई और पढ़ाई जारी रखने के लिये जरूरी शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने की गुहार लगाई। उसकी चिंता सिर्फ इतनी थी कि वह अपने सहपाठियों के साथ फिर स्कूल जा सके और उसकी पढ़ाई बीच में न रुके। कृतिका की बात सुनकर DC दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने मामले को तत्काल गंभीरता से लिया। उन्होंने मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी को बुलाया और बच्ची की मदद के लिये जरूरी निर्देश दिये। DC ने स्पष्ट कहा कि प्राकृतिक आपदा की वजह से बच्ची की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिये। उन्होंने 24 घंटे के भीतर बच्ची के स्कूल और पाठ्यक्रम के अनुसार आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके तहत कृतिका को टेक्स्ट बुक्स, कॉपियां, ज्योमेट्री बॉक्स, स्कूल बैग, स्टेशनरी उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने को कहा गया है। वहीं, स्कूल प्रबंधन से समन्वय कर बच्ची को हर संभव सहयोग देने का निर्देश दिया गया। जन समाधान दिवस में आमतौर पर लोग जमीन, पेंशन, राशन और दूसरी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। लेकिन बुधवार को एक नन्हीं छात्रा अपने भविष्य को बचाने की फरियाद लेकर पहुंची।

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