नई दिल्ली : कोरोना की दूसरी लहर देश में कमजोर पड़ रही है। संक्रमण का ग्राफ नीचे गिरा है। वहीं टीकाकरण अभियान प्रगति पर है। इसी बीच ICMR की एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ कोरोना से ठीक हुए लोगों में वैक्सीन की एक ही डोज काफी है। स्टडी में पाया गया कि वैसे लोग जो कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके हैं और वैक्सीन की पहली या दूसरी डोज ले चुके हैं। वैसे लोग कोरोना की दोनों डोज ले चुके लोगों से ज्यादा सुरक्षित हैं। और कोरोना के डेल्टा वैरिएंट का सामना करने में पूरी तरह सक्षम हैं।
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WHO का कहना है कि कोरोना का डेल्टा वेरिएंट अन्य वेरिएंट से ज्यादा खतरनाक है। इसमें संक्रमण तेजी से फैलता है। ICMR की स्टडी में पाया गया कि कोरोना से संक्रमित होने के बाद ठीक हो चुके लोगों के शरीर में संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी बन जाता है, जो कि पहले के मुकाबले ज्यादा मजबूत है। जो मरीज को नये वेरिएंट से लड़ने में प्रबल बनाता है। ऐसे में कोरोना वैक्सीन की एक डोज भी नये डेल्टा वेरिएंट से सुरक्षा प्रदान करती है। हाल ही में कोवैक्सीन के फाइनल ट्रायल की रिपोर्ट सामने आई है कि कोवैक्सीन डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ 66.2 प्रतिशत तक असरदार है। जो कि डेल्टा वेरिएंट से सुरक्षा प्रदान करता है।
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