Ranchi : रांची के मोरहाबादी मैदान में करम की पूर्व संध्या ने एक अद्भुत दृश्य रचा। रंग-बिरंगी पोशाकों में सजे आदिवासी युवक-युवतियां, ढोल-मांदर की थाप, और हजारों की भीड़ के बीच CM हेमंत सोरेन ने जब मंच संभाला तो उनके शब्द हर दिल में गूंज उठे। CM ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने हमें जो धरोहर दी है, वह सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व की पहचान है। इसे बचाना और संवारना हर झारखंडवासी का कर्तव्य है।
आदिवासी समाज की एकजुटता पर जोर
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज चाहे जहां भी बसे हों, अगर वे कदम से कदम मिलाकर चलें, तो राज्य के विकास की राह और भी रोशन होगी। राज्य के अलग-अलग गांव, मोहल्लों और टोलों में करम की धूम है। CM हेमंत सोरेन ने कहा कि आज की रात सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, खुशी और संस्कृति का संगम है। CM ने साफ कहा कि सरकार आदिवासी समाज की चुनौतियों को दूर करने के लिये लगातार प्रयासरत है, लेकिन असली सफलता तभी संभव होगी, जब पूरा समाज साथ खड़ा हो। करम महोत्सव हमें यह प्रेरणा देता है कि हम सब मिलकर अपनी जड़ों को थामे रहें और भविष्य की ओर बढ़ें। इस अवसर पर मंत्री चमरा लिंडा, विधायक जिगा सुसारन होरो सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। ढोल-मांदर की थाप और जय-झारखंड के नारों ने करम की इस पूर्व संध्या को अविस्मरणीय बना दिया।












