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Wednesday, February 1, 2023
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1 February 2023
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# JusticeForDrPayal : आखिर लोग क्यों लगा रहे ये नारा

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कोहराम लाइव डेस्क : JusticeForDrPayal क्यों लगा रहे ये नारा… बहुमुखी प्रतिभा पर हावी हुआ जातिवाद। समाज में हर किसी को सम्मान के साथ जीने का अधिकार है चाहे वो किसी भी जाति, धर्म और समुदाय का हो। जातिवाद की भेंट चढ़ी एक पायल, ऐसी व्यवस्था बने कि कोई और पायल ना हो उसका शिकार। “जागो समाज जागो”

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JusticeForDrPayal, यही नारा लगाते हुए न्याय की मांग कर रहे हैं महाराष्ट्र के दलित समाज के लोग। दलित समाज के लोग इसी मांग को लेकर 12-अक्टूबर की सुबह 10 बजे नायर अस्पताल के गेट पर इकठ्ठा होंगे।

JusticeForDrPayal

डॉ. पायल ताड़वी एक भील ताड़वी दलित समाज से आती थी। ये नायर अस्पताल में रेसिडेंट डॉक्टर के तौर पर कार्यरत थी। डॉ. पायल ने 22-मई-2019 को आत्महत्या कर ली। वजह उनके सीनियर्स द्वारा उनकी जाति को लेकर भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना था।

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क्या है मामला

मेडिकल स्टूडेंट पायल तडवी आत्महत्या मामले में जो सुसाइड नोट सामने आया था, उसके अनुसार मुंबई के बीवाईएल नायर अस्पताल में तीन मेडिकल छात्रों ने 26 वर्षीय पायल ताडवी का महीनों तक मानसिक रूप से उत्पीड़न किया। उसे अपमानित किया गया और बदतमीजी की। आखिरकार उसे खुद की जान लेने पर मजबूर किया। मुंबई पुलिस ने 1200 पन्नों की चार्जशीट दायर की, जिसमें तीन पन्नों का सुसाइड नोट था।

क्या लिखा था सुसाइड नोट में…

सुसाइड नोट में पायल तड़वी ने लिखा है – “मैंने इस कॉलेज में कदम रखा इस उम्मीद में कि मैं इस तरह के अच्छे संस्थान में पढ़ूंगी मगर लोगों ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया। शुरू में मैं और स्नेहल (दोस्त) आगे नहीं आए और न ही किसी से भी कुछ कहा। मुझे उस हद तक यातनाएं दी गईं, जिसे मैं सहन नहीं कर सकती थी। मैंने उनके खिलाफ शिकायत की लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला।” “मैंने अपना पेशेवर जीवन, निजी जीवन, सब कुछ खो दिया है क्योंकि उन्होंने ऐलान कर दिया है कि जब तक वे नायर कॉलेज में हैं, वे मुझे कुछ भी सीखने नहीं देंगे।”

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नोट में उसने लिखा, ‘मुझे पिछले 3 सप्ताह से लेबर रूम संभालने की मनाही है क्योंकि वे मुझे इसके लिए योग्य और सक्षम नहीं मानते। मुझे ओपीडी के दौरान लेबर रूम से बाहर रहने के लिए कहा गया है। इसके अलावा, उन्होंने मुझे कंप्यूटर पर स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली की प्रविष्टि करने के लिए कहा है, वे मुझे मरीजों की जांच करने की अनुमति नहीं देते। मैं जो कर रही हूं वह क्लर्क वाला काम है। ”

नोट में लिखा, “यहां काम करने के लिए स्वस्थ माहौल नहीं है और मैं कुछ भी करने के की उम्मीद खो चुकी हूं, क्योंकि मुझे पता है कि यह नहीं होगा। अगर आप अपने लिए बोलते हैं या खड़ा भी होते हैं तो इसका कोई नतीजा नहीं निकलेगा।”

नोट में आगे लिखा है, “मैंने बहुत कोशिश की, कई बार आगे आई, मैडम से इस बारे में बात की लेकिन कुछ नहीं किया गया। मुझे अब सचमुच कुछ नहीं दिखता। मैं केवल अपना अंत देख सकती हूं।” आगे लिखा- मुझे मानसिक रूप से काफी ज्यादा परेशान किया जा रहा है, इसलिए मैं यह कदम उठा रही हूं…” पायल ने यह भी लिखा है कि इस कदम के पीछे (तीन महिला डॉक्टर) यह लोग हैं, मुझे माफ करना…”

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