Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा के सिविल कोर्ट परिसर में आज का माहौल कुछ अलग था। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, DLSA मनोज प्रसाद, DC दिनेश यादव और SP अमन कुमार मुख्य मंच पर बैठे थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि 13 दिसंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक गढ़वा और नगर उंटारी व्यावहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई जायेगी। न्यायाधीश मनोज प्रसाद ने बेहद सरल शब्दों में समझाया, “लोक अदालत का मकसद है, टीका-टिप्पणी नहीं, समाधान। खर्च नहीं, राहत और सबसे बढ़कर लोगों को जल्दी और सुकून से न्याय मिले।” इस लोक अदालत में सुलहनीय आपराधिक मामले, चेक बाउंस (NI Act), मोटर दुर्घटना दावा वाद, वैवाहिक विवाद, बिजली-पानी संबंधी मामले, बैंक और वसूली से जुड़े विवाद, सिविल प्रकृति के सभी मामले सुलझाये जायेंगे।
न्यायाधीश ने बताया कि लोक अदालत में केस सुनवाई पूरी तरह निःशुल्क होती है। और यदि किसी लंबित मामले का समाधान हो जाता है, तो पहले भरी गई कोर्ट फीस वापस कर दी जाती है। यानी न पैसा लगेगा, न वक्त की बर्बादी।
बस समाधान और सुकून। पक्षकार चाहे तो सशरीर उपस्थित हों, या फिर आभासी माध्यम (Virtual Mode) से भी शामिल हो सकते हैं। पूर्व लोक अदालतों में 1 लाख 8 हज़ार से अधिक मामले जल्दी, शांति और आपसी सहमति से सुलझाये जा चुके हैं। यह आँकड़ा ही बताता है कि इस व्यवस्था ने कितनों को राहत दी, कितनों के माथे की चिंता की लकीरें मिटाई हैं। प्रधान न्यायाधीश ने अंतिम शब्दों में कहा, “लोक अदालत जनता का न्यायालय है, लोग आयें, अपने केस का हल पायें और एक शांतिपूर्ण समाज की ओर कदम बढ़ायें।” DC दिनेश यादव और SP अमन कुमार ने जनता से अनुरोध किया कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठायें और अपने मामलों को झंझट से बाहर निकालकर समाधान की राह पर ले जायें।






