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पंचतत्‍व में विलीन हुये जज उत्‍तम आनंद, पोते का हाथ पकड़ कर पिता ने दी मुखाग्नि

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JAMSHEDPUR : गमगीन माहौल में ADJ उत्तम आनंद गुरुवार को अंतिम विदाई दी गई। पार्थिव शरीर का हजारीबाग के मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया। अपने नाबालिग पोते का हाथ थाम पिता अधिवक्ता सदानंद प्रसाद ने मुखाग्नि दी। इस दौरान शिवपुरी स्थित आवास से लेकर मुक्तिधाम तक माहौल पूरी तरह गमगीन रहा। पारिवारिक सदस्यों के अलावा उन्हें जानने वालों की आंखें नम थीं।

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अंतिम यात्रा में ये हुए शामिल

अंतिम यात्रा में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश हजारीबाग अरुण कुमार राय, रजिस्ट्रार प्रदीप कुमार शुक्ला, एडिशनल सेशन जज अमित शेखर, केके झा, बीके तिवारी, योगेश कुमार, दिनेश सिन्हा, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष मिथिलेश कुमार सिन्हा उर्फ मन्ने, सेक्रेटरी हीरालाल, अधिवक्ता में भैया संजय, सुशील कुमार सिन्हा, शैलेंद्र कुमार सिन्हा, कृष्णा सिंह, सुमित सिंह, राकेश सिंह, प्रणव झा, ओप्रकाश सिंह, रमेश सिंह, हजारीबाग के पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर, राजीव गांधी पंचायती राज के प्रदेश अध्यक्ष जय शंकर पाठक, भाजपा नेता बटेश्वर प्रसाद मेहता, जिला कांग्रेस कमेटी के वरीय उपाध्यक्ष मिथिलेश दुबे के अलावा दिवंगत ADJ के तीनों IAS साले समेत पारिवारिक सदस्य, मित्र, शुभचिंतक और शहर के गणमान्य लोग शामिल हुए।

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मार्निंग वाक करते समय जान-बूझकर ऑटो ड्राइवर ने मारा था धक्‍का

बुधवार को धनबाद में मॉर्निंग वॉक करने के दौरान न्यायाधीश उत्तम आनंद को एक ड्राइवर ने ऑटो से जान बूझकर धक्का मार दिया। ऑटो की ठोकर से ADJ सड़क के किनारे गिर गए। उन्हें जब अस्पताल ले जाया गया, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पत्नी कीर्ति सिन्हा हजारीबाग बार एसोसिएशन की सदस्य हैं और न्यायिक अधिकारी की तैयारी कर रही हैं।

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धनबाद में 21 सितंबर 2020 से थे तैनात

उत्तम आनंद मूल रूप से हजारीबाग के शिवपुरी कॉलोनी के निवासी हैं। वे वकालत करते थे। फिर मई 2002 बैच के ज्यूडिशियल सर्विस के लिए चुने गए। बोकारो में पहली तैनाती हुई। उसके बाद वह जमशेदपुर, गुमला, रांची, डालटेनगंज में न्यायिक दंडाधिकारी रहे। फिर प्रोन्नत होकर तेनुघाट में एडीजे-1 के रूप में पदस्थापित किए गए। तेनुघाट के बाद उनकी पोस्टिंग धनबाद हुई। आनंद धनबाद की जज कॉलोनी में पत्नी कीर्ति सिन्हा, बेटी कौशिकी आनंद (16), काव्या आनंद (14) और बेटा कुणाल आनंद (11) के साथ रहते थे।

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