Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा के कल्याणपुर स्थित गायत्री शक्तिपीठ परिसर में आयोजित शिव मंदिर वार्षिकोत्सव और दीप महायज्ञ का आयोजन भव्य और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि की हैसियत से मौजूद गढ़वा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज प्रसाद ने अपने उद्बोधन में धर्म की सच्ची परिभाषा बताते हुये कहा कि “यदि मन पवित्र नहीं, तो केवल ईश्वर में आस्था रखने का कोई औचित्य नहीं। धर्म का वास्तविक अर्थ आत्मा की शुद्धि है।” उनके शब्दों ने पूरे परिसर में बैठे श्रद्धालुओं के मन को जैसे भीतर तक छू लिया। जज मनोज प्रसाद ने महाशिवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुये कहा कि यह पर्व केवल पूजा का नहीं, बल्कि संकल्प का दिन है। उन्होंने कहा कि हम जिस भी क्षेत्र में हों, भीतर की पवित्रता ही सफलता का मूल आधार है। इससे पूर्व उन्होंने विधि-विधान से शिव पूजन और जलाभिषेक किया। उनके साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव निभा रंजना लकड़ा और मुंसफ अभिनव त्रिपाठी ने भी महादेव की आराधना की। दो दिवसीय इस आध्यात्मिक महोत्सव का समापन महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ। दीपों की लौ, मंत्रों की गूंज और भक्ति की तरंगों के बीच गढ़वा की यह शाम लंबे समय तक श्रद्धालुओं के मन में स्मृतियों की तरह उजाला बिखेरती रही।
गायत्री परिवार के ‘युग निर्माण’ कार्यों की सराहना
कार्यक्रम में गायत्री परिवार के ट्रस्टी संजय सोनी और देवालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सरयू चंद्रवंशी ने अतिथियों को अंगवस्त्र और साहित्य भेंट कर सम्मानित किया। प्रधान जिला जज ने समाज सुधार की दिशा में गायत्री परिवार के ‘युग निर्माण’ कार्यों की खुलकर सराहना की। दूसरे दिन संध्या बेला में दीप महायज्ञ का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आहुति देकर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। परिव्राजक संतन मिश्र के नेतृत्व में महायज्ञ संपन्न हुआ। युग संगीत की मधुर प्रस्तुति अनिता देवी, मीना कमलापुरी और ममता तिवारी ने दी, जिससे माहौल और भी भक्तिमय हो उठा। महिला मंडल की जिला समन्वयक शोभा पाठक ने नारी शक्ति और सामाजिक उत्थान पर प्रभावशाली विचार रखे, जिसे श्रद्धालुओं ने खूब सराहा। कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वयक विनोद पाठक ने किया। इस अवसर पर भाजपा नेता विनय चंद्रवंशी, वार्ड पार्षद अजीत कुमार, प्रो. संत कुमार सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।






