जितिया : परंपरा, साज-सज्जा और मातृत्व की ममता

Date:

spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो

Kohramlive : आश्विन माह की कृष्ण अष्टमी, यह केवल एक तिथि नहीं, बल्कि मांओं की ममता का उत्सव है। इस दिन जब सूरज की पहली किरण धरती पर पड़ती है, तो आंगन में रसोई की महक के साथ ही सजने-संवरने की आहट भी सुनाई देती है। क्योंकि यह दिन है जितिया व्रत का, जहां मांयें अपने बच्चों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए उपवास रखती हैं।

लाल, हरे, पीले रंग की साड़ियां, मानो खुशियों की छटा ओढ़ ली हो। सिल्क और चंदेरी की कोमल लहराती बुनावट, औरतों की आस्था को परंपरा की डोर में बांध देती है।

झुमके, चूड़ियां और मांगटीका, यह केवल आभूषण नहीं, बल्कि मातृत्व की शोभा के प्रतीक बन जाते हैं। झूमते झुमके और खनकती चूड़ियां जैसे कह रही हों, आज का दिन केवल संतान के नाम है।

गजरा और बिंदी, ताजे फूलों की खुशबू जब केशों से लिपटती है और माथे पर सजी लाल बिंदी दमकती है, तो हर महिला खुद देवी-स्वरूपा लगती है। उस पल लगता है कि जितिया केवल व्रत नहीं, बल्कि ममता की सबसे सुंदर कविता है, जहां स्त्री का हर श्रृंगार संतान की लंबी आयु की प्रार्थना में ढल जाता है।

spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

पुलिस देखते ही बेहोश हो गई महिला, बाद में म’र गई…

Koderma : कोडरमा के सतगावां थाना क्षेत्र का छोटा...

पाकुड़ में मा’रा गया एक चौकीदार… जानें क्यों

Pakur : पाकुड़ के पहाड़ियों और जंगलों के बीच...

रांची जेल में महिला कैदी का यौन शोषण, पूर्व CM का बड़ा इल्जाम…

Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची के बिरसा मुंडा...

चार ला’शें, 18 टु’कड़े और एक ऐसा सच, जिसने बिहार को दहला दिया…

Bihar : बिहार के कैमूर के रामगढ़ थाना क्षेत्र...

स्वीडन ने PM मोदी को पहनाया सम्मान का सबसे चमकदार सितारा…

Kohramlive : भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीडन...