Ranchi : रांची की हवाओं में आज एक नई उम्मीद घुली थी। कांके के विश्वेश्वरैया प्रशिक्षण केन्द्र में जब झारखंड के युवाओं ने अपने हाथों में नियुक्ति पत्र थामे, तो वो सिर्फ एक कागज़ नहीं था। वो था उनके सपनों की पहली सीढ़ी। मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत आयोजित इस आयोजन में युवाओं को न सिर्फ नौकरी मिली, बल्कि स्वरोजगार के रूप में सिलाई मशीने भी मिली। मंच से जब झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी के निदेशक शैलेन्द्र कुमार लाल बोले, तो हर शब्द जैसे दिल में उतर गया “इस डिजिटल युग में युवाओं को सही दिशा, सही कौशल और सच्चा समर्थन देना ही असली मिशन है।”
कार्यक्रम की खास बात थी विभिन्न कौशल स्टॉल्स, जहां हेल्थकेयर से लेकर फैशन, सोलर इंस्टॉलेशन से लेकर मेकअप आर्ट तक, हर कोना एक नई संभावना की कहानी सुना रहा था।
इस आयोजन में एक और ऐतिहासिक पल आया, जब ICES संस्था के साथ एक अहम समझौता हुआ, जिससे कॉलेज युवाओं के लिए नई ट्रेनिंग शुरू होगी। वहीं, इंडिया स्किल्स झारखंड स्किल प्रतियोगिता की तैयारियों का भी शंखनाद हुआ। सरकारी अधिकारी, प्रशिक्षण प्रदाता, और मिशन टीम के साथ जब युवाओं ने मिलकर सपनों की नई इबारत लिखनी शुरू की, तो लगा यह महज एक आयोजन नहीं, बल्कि एक क्रांति की शुरुआत है।









