Bihar : झारखंड और बिहार का मोस्ट वांटेड इनामी माओवादी अभिजीत यादव उर्फ बनवारी धरा गया। उसके पास से उम्दा किस्म का एक AK-56 और 97 जिंदा गोलियां बरामद की गयी है। करीब 61 मामलों में वांटेड बनवारी की गिरफ़्तारी पुलिस की रेक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। इसकी तलाश बिहार और झारखंड पुलिस को लंबे अर्से से थी। बनवारी का नाम तब आतंक के तौर पर उभरकर सामने आया था, जब 2016 में औरंगाबाद में 7 जवान शहीद हो गये थे। औरंगाबाद के काला पहाड़ में 7 पुलिसकर्मी मारे गये थे। इसके बाद अभिजीत यादव उर्फ बनवारी का संगठन में ओहदा बढ़ गया था। उसे जोनल कमांडर बना दिया गया। बनवारी मूल रूप से पलामू के छतरपुर थाना क्षेत्र के तिलैया गांव का रहने वाला है। इस बात का खुलासा आज गया की सीनियर एसपी हरप्रीत कौर ने किया।
गिरफ्तार बनवारी पर 10 लाख 50 हजार रुपये का इनाम था। झारखंड सरकार ने उसपर 10 लाख रुपये के इनाम रखे थे, वहीं बिहार में 50 हजार का इनाम था। उसके साथ उसका एक करीबी दोस्त कुंदन यादव उर्फ ललन यादव भी पकड़ा गया है। ललन भी पलामू के बरवाडीह गांव का रहनेवाला है। गिरफ्तार बनवारी के पास से AK 56 एवं 97 जिंदा गोलियां और 5 डेटोनेटर, 5 सिम कार्ड, लेवी की किताब, बैग सहित कुछ अन्य सामान मिले हैं। बनवारी वर्ष 2009 में नक्सली संगठन में एक्टिव हुआ था। SSP हरप्रीत कौर ने खुलासा किया कि 13 वर्षों से फरार अभिजीत यादव के बारे में गया पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। वह गया के धनगाई थाना क्षेत्र के दुवारी के जंगल में पनाह ले रखा था। इस सूचना को गंभीरता से लिया गया। इसके बाद SSB 29 बटालियन कमांडेंट एचके गुप्ता, असिस्टेंट कमांडेंट अमोद कुमार की देखरेख में एक स्पेशल टीम बनाई गई। गठित ने जंगल में रेड कर बनवारी और उसके दोस्त ललन को दबोच लिया।
इसे भी पढ़ें : USA मेड पिस्टल से देवांशु साहा पर चली थी गो*ली, जानें क्यों हुआ था अटैक
इसे भी पढ़ें : पति के सामने देवर से इश्क का भयानक अंजाम… देखें वीडियो
इसे भी पढ़ें : हजारीबाग स्वाधार गृह से भागी लड़कियों ने बताया सच… देखें वीडियो






