- मुख्यमंत्री ने की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की समीक्षा, अगले तीन वर्ष की कार्ययोजना के लिए अधिकारियों को निदेश दिया
RANCHI : मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में झारखंड अग्रणी राज्य बन गया है। अब दूध और अंडा उत्पादन में भी झारखंड को अग्रणी बनाना है। इसके लिए टारगेट तय करना होगा, जिससे दूध उत्पादन में राज्य आत्मनिर्भर बन सके। साथ ही पशुपालन के क्षेत्र पर भी ध्यान देने की जरूरत है। क्षेत्र की भौगोलिक रचना और वहां के लोगों की रुचि के अनुरूप पशुपालन को बढ़ावा देना है। विभाग अपनी कार्ययोजना में इन बातों का समावेश कर कार्य करे। यह बातें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कही। वह अधिकारियों के साथ कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की समीक्षा कर रहे थे।
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केसीसी के लिए आवेदन जमा करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से आच्छादित करने के लिए प्रखंड स्तर पर विशेष अभियान चलाएं। 15 जुलाई तक किसानों से आवेदन प्राप्त करना सुनिश्चित होना चाहिए। शिविर लगाकर आवेदन लेने की प्रक्रिया पूरी करें। अगर बैंक से सहयोग प्राप्त नहीं हो रहा हो तो बैंक से विभाग स्पष्टीकरण मांगे। राज्य के सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड देने का लक्ष्य लेकर सरकार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग हेचरी, बकरीपालन, मुर्गी पालन का मॉडल लेकर आएं। राज्य में देश के प्रगतिशील किसानों को प्रोत्साहित करें ताकि यहां के किसान भी इस दिशा में बेहतर करने की ओर अग्रसर हो सकें।
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खाली पदों को भरने को प्राथमिकता
हेमंत सोरेन ने निर्देश दिया कि विभाग में रिक्त पदों को भरने का कार्य करना है। मानव संसाधन की कमी से जिला स्तर में लाभुकों को लाभान्वित करने में परेशानी हो रही है। जबतक रिक्त पदों को नही भरा जाता तबतक अन्य विभागों से समन्वय स्थापित कर कार्य लें। जिला स्तर पर वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में कार्यरत कर्मियों से कार्य लेने की दिशा में पहल करें।
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इनकी रही मौजूदगी
बैठक में मंत्री विभागीय मंत्री बादल पत्रलेख, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, सचिव कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग अब्बू बकर सिद्दीकी, निदेशक सहकारिता मृत्युंजय बर्णवाल, निदेशक कृषि निशा उरांव, निदेशक मत्स्य प्रभाग एचएन द्विवेदी व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।








