Ranchi : रहन-सहन, खान-पान, वेशभूषा, कला, संस्कृति, रीति-रिवाज से लेकर संगीत तक की झलक दिखलाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। मतलब जनजातीय जीवन का दर्शन। शहर से लेकर गांव, सुदूर टोला, बस्ती, मोहल्ला तक डुगडुगी बज चुकी है झारखंड जनजातीय महोत्सव 2022 के आयोजन का। जनजातीय जीवन को करीब से झांकना है तो बस जरूरत है राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में झांकने की। झारखंड के युवा CM हेमंत सोरेन के आह्वान पर बड़ा जुटान होने वाला है। 9 और 10 अगस्त को आयोजित इस समारोह में नार्थ ईस्ट के कलाकार भाग लेंगे।
झारखंड जनजातीय महोत्सव में जनजातीय कलाकारों की अद्भुत और अविस्मरणीय कला का जौहर दिखाने को बेताब लोगों का राजधानी में आना शुरू हो गया है। इस समारोह में जनजातीय इतिहास, साहित्य, मानवशास्त्र समेत अन्य विषयों पर संगोष्ठी, कला एवं संगीत, परिधान, फैशन शो, खान- पान और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। झारखण्ड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मिजोरम समेत अन्य जनजातीय बहुल राज्य के कलाकारों को कार्यक्रम में भाग लेने के लिए न्यौता दिया गया है। कार्यक्रम को सफल बनाने में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग सहित कुछ अन्य विभाग जी जान से जुटे है।
इस आयोजन के समापन समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल होंगे। झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन भी मुख्य अतिथि की हैसियत से मौजूद रहेंगे। महोत्सव की अध्यक्षता CM हेमंत सोरेन करेंगे। वहीं झारखंड के तमाम मंत्री, सांसद, विधायक, जिला पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं महापौर उपस्थित रहेंगे। मोरहाबादी मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम, खाद्य-व्यंजन, कला एवं शिल्प की प्रदर्शनी, मोरहाबादी फुटबॉल मैदान में आयोजित होंगे। वहीं ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट में सेमिनार और पैनल चर्चा मोरहाबादी हॉकी मैदान में होगा।

इसे भी पढ़ें : कोथाय रेखे चो ऐतो टका, चोलो बाड़ी ते, ना होले हो जाबे गोंडोगोल… देखें वीडियो
इसे भी पढ़ें : वाराणसी, औरंगाबाद, सासाराम, पटना के बाद रांची में कर रहा था ATM कांड… देखें फिर क्या हुआ
इसे भी पढ़ें : बड़का खेला करने से पहले धरा गये, सुनें क्या बोले एसपी




