Ranchi : तीन माओवादी आज पुलिस के हत्थे चढ़ गये। पुलिस ने इनके पास से पिस्टल, गोलियां, बाइक, मोबाइल, माओवादी बैनर और पर्चा बरामद किया है। इन माओवादियों को रांची की दशम पुलिस ने दबोचा है। रांची के पुलिस कप्तान किशोर कौशल को खबरीलाल ने फोन कर बताया कि दशम फॉल इलाके के आड़ाडीह गांव में तीन लोग एक ही बाइक पर सवार होकर घूम रहे हैं। उनकी हरकतें संदिग्ध लग रही है। लगता है कुछ बड़का खेला करने की फिराक में है। पुलिस कप्तान में सूचना को गंभीरता से लिया। रुरल एसपी मो. नौशाद आलम की देखरेख में एक टीम बनाई गई। बुंडू एसडीपीओ अजय कुमार और सारजाम के सीआरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट सुबोध कुमार को टीम लीड करने की जिम्मेदारी दी गई।
टीम आड़ाडीह से पहले कच्ची सड़क के पास दो हिस्से में बंट गयी। एंबुस लगाकर वहां से गुजरने वालों पर नजर रखना शुरू कर दी। इसी दरम्यान एक बाइक पर सवार तीन लोग उधर से गुजर रहे थे। वहां घात लगाये बैठी टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया। पुलिस को देख बाइक सवार लोग भागने की कोशिश करने लगे। टीम ने उन्हें खदेड़ कर पकड़ लिया। गिरफ्तार लोगों ने पुलिस को अपना नाम सुरेश महतो उर्फ लम्बु (मारंगहादा, खूंटी), सुखराम मुंडा (दशम फॉल, रांची), गौरव मुंडा (बुंडू, रांची) बताया। जब तीनों की तलाशी ली गई तो सुरेश की कमर से एक पिस्टल, उसके मैगजीन में 9 एमएम की दो गोलियां मिली। गौरव मुंडा के पास से मोबाइल फोन बरामद किया गया था।
सुखराम मुंडा के पास पांच माओवादी पर्चा बरामद किया गया। उनमें से एक पर्चा ने पुलिस का माथा ठनका दिया। उस पर्चे में कीताबेड़ा में बन रहे सरकारी पुल के ठेकेदार से लेवी वसूलने का जिक्र किया गया था। जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो राज खुला कि वे लोग ठेकेदार के पास जा रहे थे। उन्हें ठेकेदार से 20 लाख रुपये बतौर रंगदारी वसूलना था। गिरफ्तार माओवादियों ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि उन्हीं दोनों मोबाइल से लोगों को फोन पर डरा-धमका कर रंगदारी मांगते थे। गिरफ्तार सुरेश महतो PLFI का खूंखार उग्रवादी लाका पाहन का खास रह चुका है। सुनें क्या बोले रुरल एसपी मो. नौशाद आलम
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