Ranchi : दावोस की बर्फीली फिजाओं में झारखंड के भविष्य की गर्म तैयारी दिखी। CM हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने हिताची के रीजनल हेड भारत कौशल और कंपनी के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक की। बातचीत का फोकस पावर सिस्टम, पावर ट्रांसमिशन टेक्नोलॉजी, उन्नत अवसंरचना और स्किल डेवलपमेंट रहा। हिताची के प्रतिनिधियों ने बताया कि देश की 9 मेट्रो रेल परियोजनाओं के पावर सिस्टम वर्तमान में हिताची संचालित कर रही है। यह शहरी परिवहन और ऊर्जा प्रबंधन में कंपनी की मजबूत तकनीकी क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिये एक विशेष डिजिटल डैशबोर्ड विकसित किया गया है और धनबाद में हिताची का सेंटर पहले से संचालित है, जो झारखंड से कंपनी के निरंतर जुड़ाव का प्रमाण है।
मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का न्योता
बैठक के दौरान भारत कौशल ने CM हेमंत सोरेन को हिताची की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के दौरे का औपचारिक न्योता दिया। वहीं, फरवरी–मार्च में देश और झारखंड स्थित हिताची की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स एवं अन्य जापानी कंपनियों के साथ संयुक्त बैठकें आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि शॉर्ट और लॉन्ग टर्म प्रोजेक्ट्स पर ठोस सहयोग की पहचान की जा सके। हिताची ने बताया कि पावर ट्रांसमिशन परियोजनाओं में भूमि की उपलब्धता बड़ी चुनौती होती है। इसके समाधान के लिये कंपनी के पास ऐसी उन्नत तकनीक है, जिससे कम भूमि में प्रभावी ट्रांसमिशन संभव हो सके। झारखंड में इन तकनीकों को लागू कर राज्य की पावर और ट्रांसमिशन अवसंरचना को सशक्त बनाने की इच्छा भी जताई गई। बैठक में हैवी व्हीकल सेक्टर से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। राज्य में हाई-स्किल्ड हैवी व्हीकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि युवाओं को उन्नत तकनीकी कौशल देकर उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाई जा सके। प्रस्तावों का स्वागत करते हुये CM हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार ऊर्जा, अवसंरचना और स्किल डेवलपमेंट में वैश्विक तकनीकी साझेदारियों को मजबूत करने के लिये प्रतिबद्ध है, ताकि राज्य में सतत, समावेशी और भविष्य-उन्मुख विकास को गति मिले।












