राज हॉस्पिटल पर 10 करोड़ रुपये की मानहानि का किया जाएगा दावा : मोर्चा
रांची : झारखंड आंदोलनकारी आजम अहमद की पत्नी सील मनी चंपिया उर्फ रजिया सुल्तान का 13 मई को राज अस्पताल में निधन हो गया। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और मैनेजमेंट पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि रजिया को 9 अप्रैल को राज अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद 26 अप्रैल को उन्हें आईसीयू से केबिन 703 में शिफ्ट कर दिया गया। एक मई को सुगर की जांच की गई जो 130 यानी नॉर्मल आया। इसके बाद भी इंशुलिन दे दिया गया। जिसके चलते रजिया कोमा में चली गई। आजम अहमद ने बताया कि उनकी पत्नी को आईसीयू 304 में भेजा गया। उसके बाद IVIG इंजेक्शन मंगाया जो करीब 225000 रुपये में आता है। हमने उसे भी लाकर दिया। इस दौरान डॉक्टरों ने बताया कि दिमाग में स्पोर्ट हो गया है। इस इंजेक्शन से ठीक हो जाएगा। लेकिन इंजेक्शन देने के बाद भी रजिया ठीक नहीं हुई और 13 मई को उसने दम तोड़ दिया।
झारखंड आंदोलनकारी आजम अहमद की पत्नी सील मनी चंपिया उर्फ रजिया सुल्तान के निधन पर झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने शोक व्यक्त किया है। आंदोलनकारियों का मानना है कि राज हॉस्पिटल, मेन रोड, रांची में शुगर एवं बीपी की शिकायत थी। जिसे कोरोना पॉजिटिव बताकर मार दिया गया।
पूर्व में जांच किए गए सभी रिपोर्ट को दस्तावेज बनाते हुए आंदोलनकारी मोर्चा राज हॉस्पिटल के ऊपर एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में है। वहीं 10 करोड़ रुपये की मानहानि का भी दावा करने की तैयारी में है। मोर्चा ने राज्य सरकार से गलत जांच रिपोर्ट देने और जान मारने का धंधा करने का आरोप लगाते हुए अस्पताल पर कार्रवाई की करने की मांग की है।
रजिया सुल्तान के निधन पर शोक व्यक्त करने वालों में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष राजू महतो, महासचिव अजीत मिंज, कयूम खान, शहजादा अनवर, राशिद खान, जुबेर अहमद, अनवर खान, अश्वनी कुजुर, पुष्कर महतो, राज कमल महतो, अनिल बर्नवाल, प्रवीण सहाय, संतोष सहाय, ड्रा प्रणव कुमार बब्बू, डॉ वीरेंद्र कुमार महतो, सूरज देव भगत, गैब्रिएल खा, रेशमी चंद्रा पिंगुआ, सरोजिनी कच्छप, विनीता अल्पना खलखो, सीमा देवी, मोनिका देवी, एरेन कच्छप, अनिल उरांव, प्रफुल्ल तत्वा, कोलेश्वर सोरेन, रूसी लाल सोरेन सहित अन्य शामिल रहे।








