UP : जिस बेटे को मां-बाप ने गोद में खिलाया, उसी ने एक रात सिलबट्टे से उनका सिर कुचल दिया। जौनपुर के जफराबाद थाना क्षेत्र से सामने आया यह दोहरा हत्याकांड रिश्तों की सबसे खौफनाक टूटन की कहानी है। पुलिस पूछताछ में इकलौते बेटे अम्बेश कुमार ने कबूल किया कि पहले मां बबिता देवी के सिर पर सिलबट्टा मारा फिर पिता श्याम बहादुर पर वार किया, दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद लाशों को बोरे में भरा, उसी कार में रखा जो पिता के पैसों से खरीदी थी और करीब 8 किलोमीटर दूर बेलाव घाट ले जाकर गोमती नदी में फेंक आया। कत्ल के बाद अम्बेश घर लौटा, ताकि किसी को शक न हो। बीते 9 दिसंबर को माता-पिता को खोजने का नाटक किया। लेकिन 12 दिसंबर को वह खुद गायब हो गया।
बहन को हुआ शक, खुला राज
वाराणसी के सिंधौरा थाना क्षेत्र में रहने वाली बहन वंदना को अनहोनी का डर सताया। वह जफराबाद थाने पहुंची
और माता-पिता और भाई अम्बेश तीनों की गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने तीन टीमें बनाई और जांच शुरू हुई। इधर अम्बेश वाराणसी पहुंचा, गंगा स्नान किया, घाटों पर घूमता दिखा लेकिन जैसे ही वह घर के पास लौटा, पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस के सामने वह टूट गया और कत्ल की पूरी कहानी उगल दी। पिता श्याम बहादुर रेलवे में लोको पायलट थे। चार महीने पहले ही सेवानिवृत्त हुये थे। उनके तीन बेटियां और एक बेटा अम्बेश है। हत्या के खुलासे के बाद पुलिस ने 15 गोताखोर गोमती में उतारे। खबर लिखें जाने तक मां-बाप की लाशें नहीं मिली थी। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि अम्बेश ने 5 साल पहले कोलकाता की महिला से प्रेम विवाह किया था। माता-पिता बहू को पसंद नहीं करते थे। बेटियों के प्रति झुकाव ज्यादा था, पैसों को लेकर अक्सर विवाद होते रहता था। अम्बेस पिता के पैसे लेकर पत्नी संग कोलकाता शिफ्ट होना चाहता था।





