टोक्यो : भारतीय पुरुष हॉकी टीम टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रचने से चूक गई। खेल के 49वें मिनट तक भारतीय टीम चैंपियन की तरह लड़ती रही। 2-2 के बराबरी पर दोनों टीमें खेल रही थी। कौन फाइनल में पहुंचेगा सबके मन में यही चल रहा था। मगर आखिरी के 11 मिनट में बेल्जियम की टीम भाड़ी पड़ी और भारत का सपना टूट गया। सेमीफाइनल में बेल्जियम के खिलाफ 2-5 की हार ने भारत के सपने को तोड़ दिया। टीम इंडिया को ये हार बहुत वर्षों तक चुभेगी।
खेल के तीसरे क्वार्टर तक दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर थीं। चौथे क्वार्टर में बेल्जियम की टीम शुरुआत से ही आक्रामक हॉकी खेली। उसे 48-49वें मिनट के दौरान बैक-टू-बैक तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले। अलेक्सांद्र हेंड्रिक्स जैसा दिग्गज ड्रैग फ्लिकर ऐसे मौके पर कहां चूकने वाला था। दो पेनल्टी कॉर्नर में नाकाम रहने के बाद उन्होंने तीसरे पेनल्टी कॉर्नर में गोल कर बेल्जियम को बढ़त दिला दी। इसके बाद से टीम इंडिया मुकाबले में पिछड़ती गई। बेल्जियम की टीम हावी होती चली गई और 5-2 से मैच को जीत लिया।
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