नई दिल्ली : देश की पहली Driverless यानी बिना ड्राइवर की मेट्रो ट्रेन की शुरुआत हो चुकी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने 28 दिसंबर सोमवार सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर इसका शुभारंभ किया। मजेंटा लाइन पर बोटेनिकल गार्डन से जनकपुरी पश्चिम के बीच चली है यह पहली ड्राइवरलेस मेट्रो। इसी दौरान पीएम मोदी ने नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड भी जारी किया।
दिल्ली मेट्रो रेल निगम का कहना है कि Driverless Metro पूरी तरह ऑटोमेटिक होगी। इससे ड्राइवर द्वारा परिचालन प्रभावित होने की आशंका खत्म हो जाएगी। ये ट्रेनें मेट्रो भवन में बने केंद्रीय कंट्रोल रूम के कमांड से चलाई जाएंगी। अभी इस कॉरिडोर पर 5 मिनट 12 सेकंड के अंतराल पर मेट्रो का परिचालन होता है। इसका फायदा यह है कि यात्रियों का दबाव बढ़ने पर महज 90 सेकंड के अंतराल पर मेट्रो ट्रेन चलाई जा सकेगी।
इन देशों में चलती है Driverless Metro
यूरोप में डेनमार्क, स्पेन, इटली, फ्रांस, जर्मनी, हंगरी, स्विट्जरलैंड और ब्रिटेन में भी ड्राइवर लेस मेट्रो चलती है। इन देशों में एक से ज्यादा शहरों में भी ऐसी मेट्रो चलाई जाती है। इनके अलावा अमेरिका और कनाडा में भी Driverless ट्रेन चलती है। वहीं, चीन, ब्राजील और पेरू में भी इस तरह की मेट्रो काफी पहले आ चुकी है।
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एडवांस टेक्नोलॉजी से लैस
Driverless Metro ट्रेन की खूबियों की बात करें तो यह एक एडवांस टेक्नोलॉजी है और दुनियाभर में तेजी से इस्तेमाल की जा रही है। ड्राइवरलेस ट्रेन से मतलब कम्यूनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सिस्टम से है, जिसमें ट्रैक पर चलने वाली सभी ट्रेनें आपस में और कंट्रोल रूम से डिजिटल रेडियो कम्यूनिकेशन के जरिए एक दूसरे से जुड़ी होती हैं। चालक रहित सभी ट्रेनें 6 कोच वाली हैं और सीबीटीसी यानी ड्राइवरलेस ऑपरेशन तकनीकी से लैस हैं। इसी तरह की ट्रेनों में ड्राइवर केबिन नहीं होगा, इसलिए करीब 40 ज्यादा पैसेंजर सफर कर पाएंगे।
ड्राइवरलेस मेट्रो की खूबी
- ट्रेन का चलना, रुकना, स्पीड पकड़ना, ब्रेक लगाना, दरवाजों का खुलना और बंद होना। साथ ही इमरजेंसी हालात को कंट्रोल करना सब कुछ आटोमैटिक (स्वतः) होगा।
- मेट्रो ट्रेन के सामने में कैमरा होगा। यह कैमरा ट्रेन के आगे की पूरी तस्वीर लाइव कंट्रोल रूम में दिखाएगा।
- ट्रेन के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे की लाइव स्ट्रीमिंग कंट्रोल रूम में होगी. इसी तरह कंट्रोल रूम से भी ट्रेन के भीतर लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग के जरिए संपर्क किया जा सकता है।
- मेट्रो ट्रेन में चालक नहीं होने की सूरत में LED स्क्रीन के जरिए लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग की जाएगी।
- ओडीडी डिवाइस ट्रैक पर लगे होंगे, जो ट्रैक पर आने वाली किसी छोटी रुकावट को हटाकर ट्रेन को पटरी से उतरने यानी डीरेल होने से बचाएगा।
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