कोहराम लाइव डेस्क : हर चीज के आविष्कार या जन्म के पीछे कुछ न कुछ रोचक कहानी होती है। फोन इस आधुनिक युग में हर किसी की जरूरत बन गई है। मगर क्या कभी आपने सोचा है कि फोन उठाने और करने पर लोग हैलो क्यों बोलते हैं। आईये जानते हैं फोन उठाते ही ‘हेलो’ शब्द क्यों बोला जाता है और इस शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई?
अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने किया टेलीफोन का आविष्कार
अलेक्जेंडर ग्राहम बेल (Alexandar Graham Bell) ने टेलीफोन (Telephone) का अविष्कार किया था। टेलीफोन के आविष्कार के बाद बेल ने सबसे पहले अपने दोस्त वॉटसन को संदेश भेजा था।
इसमें बेल ने कहा था कि श्रीमान वॉटसन यहां आओ, मुझे तुम्हारी जरूरत है। बता दें कि टेलीफोन के जनक ग्राहम बेल फोन पर ‘हेलो’ की जगह पर Ahoy बोलते थे।
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हैलो से पहले बोलते थे ये शब्द
टेलीफोन के आविष्कार के बाद जब लोगों ने इसका इस्तेमाल करना शुरू किया, तो सबसे पहले पूछते थे Are you there? इस शब्द का इस्तेमाल इसलिए किया गया, ताकि उन्हें यह पता चल सके कि उनकी आवाज सामने वाले को सुनाई दे रही है या नहीं।
गलतफहमी बनी हैलो बोलने की वजह
‘हेलो’ बोलने की वजह एक गलतफहमी है, दरअसल, एक बार थॉमस एडिसन (Thomas Edison) ने Ahoy शब्द को गलत सुन लिया और हेलो बोल दिया। इसके बाद उन्होंने 1877 में हैलो बोलने का प्रस्ताव रखा। पिट्सबर्ग की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट एंड प्रिंटिंग टेलीग्राफ कंपनी से प्रस्ताव पास होने के बाद जब उन्होंने पहली बार फोन किया तो सबसे पहले ‘हेलो’ शब्द का ही इस्तेमाल किया।
वहीं एक वजह यह भी प्रचलित है कि ग्राहम बेल की प्रेमिका का नाम हेलो था और उन्होंने फोन उठाते ही सबसे पहले उनका नाम लिया था।
बता दें कि हेलो पुराने जर्मन शब्द हाला से बना है। यह शब्द पुराने फ्रांसीसी या जर्मन शब्द ‘होला’ से आया है। ‘होला’ का मतलब होता है- ‘कैसे हो’।
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