Ranchi : घर के आंगन के खूंटे में बंधे गाय-गोरू या अन्य पालतू जानवरों के बीमार पड़ जाने पर अब घोर चिंता करने की जरूरत नहीं होगी, केवल डायल 1962 पर कॉल करें, घर के आंगन में सरकारी पशु डॉक्टर अपनी सेवा देने पहुंच जायेंगे। कहीं कोई अनदेखी या लापरवाही नहीं होगी। इसके मॉनिटेरिंग के लिये राज्य से प्रखंड स्तर तक अधिकारी बैठा दिये गये हैं। CM हेमंत सोरेन की पहल पर राज्य में 236 Mobile Veterinary Units (MYU) की शुरूआत की गई है। रांची के हटिया हेसाग में स्थित पशुपालन निदेशालय भवन में MVU एवं कॉल सेंटर का फीता काटा गया।
केंद्रीय योजना के तहत पशु अस्पताल से दूर रहनेवाले पशुपालकों को उनके घर-द्वार पर मुफ्त में चिकित्सा सेवा दी जायेगी। MVU के माध्यम से बीमार पशुओं का इलाज किया जायेगा। जरूरत पड़ी तो सर्जरी और सैंपल कलेक्शन तक का इंतेजाम किया गया है। वहीं, पशुओं में बीमारी की रोकथाम का टिप्स पशुपालकों को दिया जायेगा। इस योजना के बेहतर संचालन के लिये राज्य स्तर पर सचिव की अध्यक्षता में गठित State Monitoring Umit (SMU), जिला स्तर पर DC की अध्यक्षता में गठित District Monitoring Umit (DMU) एवं प्रखंड स्तर पर प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी की देखरेख में गठित Block Monitoring Umit (BMU) के द्वारा की जायेगी।
झारखंड के जाने-माने पशु चिकित्सक डॉ नीरज कुमार वर्मा ने एक प्रेस बयान जारी कर बताया कि घर-आंगन में पशुपालकों को सरकारी पशु डॉक्टर की सेवा लेने के लिये कोई भारी-भरकम मशक्कत नहीं करनी होगी। केवल डायल 1962 पर कॉल करने की जरूरत है। इसकी कार्यशैली इस तरह से होगीः-
- कॉल एक्जीक्यूटिव द्वारा पशुपालकों से बीमार पशुओं के लूर-लक्षण के बारे में जानकारी ली जायेगी।
- लक्ष्ण के आधार पर पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा बीमारी का वर्गीकरण किया जायेगा।
- वर्गीकरण के अनुसार MVU से जुड़े पशु डॉक्टर को सबकुछ बताया जायेगा।
- बीमार पशुओं के इलाज के लिये डॉक्टर उनके घर तक जायेंगे।
- इलाज के सभी विवरण दर्ज किये जायेंगे।
- जरूरत के अनुसार नमूना तक लिया जायेगा।
- सारी रिपोर्ट की ऑनलाईन इंट्री की जायेगी।












