Kohramlive : वृंदावन की पवित्र धूल, गलियों की रूहानी खुशबू और आसमान में गूंजता “राधे–राधे”, इन्हीं के बीच मशहूर अभिनेता राजपाल यादव मंगलवार को संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने पहुंचे। एक ओर अध्यात्म का सुकून, दूसरी ओर राजपाल का निराला अंदाज दोनों मिलकर ऐसा दृश्य रच गये कि आश्रम में मौजूद हर चेहरा खिल उठा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में राजपाल महाराज जी के पास जाते हैं। संत प्रेमानंद पूछते हैं, “ठीक हो?” राजपाल मुस्कराकर बोलते हैं, “आज ठीक हूं महाराज, बोलना बहुत कुछ चाहता हूं, पर कुछ समझ में नहीं आ रहा। फिर अपने चिर-परिचित अंदाज में एक ऐसी पंक्ति बोलते हैं, जिसने माहौल को खुशियों से भर दिया, एक पागलपन जैसा विश्वास पाल लिया है… कि द्वापर हो चुका है, कृष्णा जी हुये हैं, सब ग्वाला हुये हैं और मनसुखा मैं ही था। उनकी इस लाइन पर संत प्रेमानंद महाराज इतना हंसे कि आसपास मौजूद लोग भी ठहाकों में शामिल हो गये। वृंदावन का माहौल प्रेम, भक्ति और हंसी से भर गया। राजपाल बोले, “यह पागलपन मैं रखना चाहता हूं।” इस पर प्रेमानंद महाराज स्नेह से जवाब देते हैं, “इसे जरूर रखना। पूरे भारत को हंसाने वाले आप हो, मनोरंजन करने वाले आप हो।” राजपाल हाथ जोड़कर बोले, “मैं अंदर से खुद को मनसुखा ही समझता हूं गुरुजी, बस किसी को कष्ट न हो।” बातचीत के दौरान प्रेमानंद महाराज ने उनसे उनका प्रिय नाम पूछा। राजपाल ने कुछ मंत्र सुनाये। इस पर महाराज बोले, “निरंतर नाम जप करते रहो।” राजपाल आंखें नम कर मुस्कराये, “धन्य हो गया गुरुदेव।”
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