कोहराम लाइव डेस्क : कुदरत की बनाई झीलों और झरनों की खूबसूरती ने इंसानों को प्राचीन काल से ही लुभाया है। दुनिया की विभिन्न भाषाओं में न जाने कितनी कहानियां और उपन्यास लिखे गए होंगे। ऐसी खूबसूरती को चार चांद लगाने में इंसानों ने भी खूब मेहनत की है। इससे वहां रहने वाले लोगों की तादाद लगातार बढ़ती रही है। जी हां, हम बात कर रहे हैं दक्षिण अमेरिका की सबसे बड़ी झील टिटिकाका की। आज समय के साथ इस झील के पानी पर तैरती बस्तियां बसाई जा रही हैं। इन्हें देखकर आंखें हैरत में पड़ जाती हैं। इस झील में इंसानों ने बनाए हैं 70 आइलैंड।
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समुद्रतल से 12,500 फीट की ऊंचाई पर है यह जगह
यह जगह समुद्रतल से 12,500 फीट ऊंचाई (Height) पर है। इन पर करीब 4000 लोग रहते हैं। ये द्वीप इंसानों के बनाए हैं और तैरते हुए दिखाई पड़ते हैं। इन आइलैंड्स की इन्हीं खासियत के कारण यहां की आबादी (Population) लगातार बढ़ रही है। पेरू और बोलीविया के लोगों ने झील में छोटे-छोटे नए आइलैंड बनाने शुरू कर दिए हैं। अब यह बताया जा रहा है कि यहां आबादी बढ़ने से प्रदूषण (Pollution) फैलेगा और झील को नुकसान होगा।
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मछुआरा बनाते हैं हल्की लकड़ी की नाव
यहां के द्वीपों का बेस टोटोरा रीड्स की मोटी चादर (Sheet) से बना है। यहां के खूबसूरत घर भी हल्की लकड़ी (Wood) और टोटोरा रीड्स के ही बने हैं। इनका वजन बहुत कम होने के कारण ये तैरते रहते हैं। टोटोरा रीड्स जलीय इलाकों में पाई जाने वाली लकड़ी होती है। कुछ मछुआरे इसकी नाव भी बनाते हैं।






