रांची : फीता कटने से पहले ही टाना भगतों के लिए बनाये गये आश्रम की दीवार दरकने लगी है। दीवार दरकने के साथ-साथ टाना भगतों के दिल भी दरकने लगे हैं। अपना दुखड़ा शासन-प्रशासन तक पहुंचाया। लगभग 6 करोड़ की लागत से बने इस आश्रम को देखने एक प्रशासनिक टीम संभवतः कल वहां पहुंचेगी। यह आश्रम बनहौरा ग्राम में बनाया गया है।
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बताया गया कि 75 डिसमिल पर बने इस आश्रम का उद्घाटन इसी महीने 29 दिसंबर को होना संभावित है। टाना भगतों को यह चिंता सता रही है कि ऐसे दरके आश्रम में आश्रय कैसे लें। कुछ नेताओं को भी अपनी पीड़ा टाना भगतों ने सुनायी है। आइए सुनते हैं, क्या कहते हैं जगन्नाथ टाना भगत।
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