Palamu(Akhilesh Kumar) : उस रात अंजली के माथे में खून सवार हो गया था। वह किसी हालत में अपने प्यार को खोना नहीं चाहती थी। उसने मन ही मन यह भयानक इरादा बना लिया और ठान लिया कि धर्मेंद्र मेरा नहीं तो किसी और का भी नहीं। उसने उसे मिटाने की पूरी प्लानिंग कर ली। पहले से तय योजना के मुताबिक उसने उस रात धर्मेंद्र को फोन किया। उसने अपने प्यार का वास्ता देते हुये गांव के ही सुनसान जंगल में बुलाया। अंजली की प्लानिंग से बेखबर धर्मेंद्र बेखटके उसकी एक पुकार पर दौड़ा चला गया। वहीं अंजली के मन में तो कुछ और था। जिस रोज धर्मेंद्र में उससे शादी करने से साफ मना कर दिया। उसी रोज अंजली का मन भी बदल गया था। अंजली के बुलावे पर धर्मेंद्र तय जगह पर राइट टाइम पर पहुंच गया। किसी शातिर की तरह अंजली ने धर्मेंद्र को तनिक भी यह एहसास नहीं होने दिया कि आज कि रात उसकी आखिरी रात है।
अंजली अपने प्यार को मनाने और उसे पाने के लिए हर संभव कोशिश की। पर धर्मेंद्र ने कहा कि सबकुछ ठीक है पर, वह शादी नहीं करेगा। बीते 1 साल में एक साथ बिताये लम्हों को अंजली ने याद भी कराया। वहीं यह जताया कि वह कैसे घुल गया है उसकी रूह में… बातचीत के बाद उसी पेड़ के नीचे धर्मेंद्र को नींद आ गई। नींद के आगोश में जाते ही अंजली ने पेड़ की ओट में छिपाकर रखे टांगी को निकाला और सोये अवस्था में ही धर्मेंद्र का राम-नाम सत्य कर दिया। खून के कुछ धब्बे उसके पीले सलवार-सूट पर पड़े। पर उसे उसने धोया तक नहीं और चुपके से घर लौट आयी। खून से सने दोनों हाथों को धोया। और फिर रातभर यह डर उसे सताता रहा कि कही राज न खुल जाये। उसे जैसी आशंका थी, ठीक वैसा ही हुआ। किसी की सूचना पर जंगल पहुंची पुलिस ने धर्मेंद्र की डेड बॉडी को रिकवर किया। पर तब उसकी पहचान नहीं हो पाई थी। लापता बेटे धर्मेंद्र की मां तक जैसे ही यह बातें पहुंची उसका शक यकीन में बदल गया। वह भागी-भागी थाना पहुंची और पूरे दावे के साथ पुलिस को बताया कि यह काम किसी और का नहीं अंजली का ही है। पुलिस ने अंजली को उठा लिया। वह पूछताछ में टूट गयी और अपना गुनाह कबूल कर लिया। अंजली ने उक्त सारी बातें पुलिस के सामने उगल दी। अंजली ने अपने इकबलिया बयान में यही कहा कि शादी से इनकार करने के कारण उसने धर्मेंद्र को मार डाला। यह सनसनीखेज वारदात पलामू के नवाजयपुर थाना में हुई। अंजली इसी थाना क्षेत्र के पचकेडिया गांव की रहनेवाली है। वहीं मारा गया धर्मेंद्र पलामू के छतरपुर थाना क्षेत्र के भिखाही गांव का रहनेवाला था। कुछ दिन पहले वह अपने मौसा बीरबल उरांव के घर आया था। उसका घर नवाजयपुर थाना क्षेत्र के दूअंबा गांव में है। इस कांड का खुलासा करने में नवाजयपुर के थानेदार संजय कुमार रजक, SI मुकेश कुमार साव, SI विजय कुमार, ASI रविंद्र कुमार, हवलदार देवेंद्र नाथ महतो, हवलदार बासिल केरकेट्टा ,आरक्षी चंद्र भूषण कुमार दुबे, शंकर उरांव, राजेश्वर उरांव एवं जिला सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
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