दार्जिलिंग : कई जटिल बीमारियों के इलाज में होम्योपैथिक कारगर है। कोरोना महामारी में भी होम्योपैथिक की दवा काफी कारगर साबित हुई। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने भी कोरोना में होम्योपैथिक की दवा आर्सेनिक एल्बम-30 को नि:शुल्क वितरण करने को कहा। इसके वितरण में झारखंड राज्य सबसे अग्रणी रहा। जहां आर्सेनिक एल्बम-30 काम नहीं किया, वहां यूभी-66 संजीवनी गोल्ड ड्रॉप पूर्णतः सफल रहा। उक्त बातें बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी और यूएस पॉलिक्लिनिक के डॉ यूएस वर्मा ने छठें राष्ट्रीय होम्योपैथिक कान्फ्रेंस दार्जिलिंग में कही। यह कान्फ्रेंस 3 और 4 सितंबर को पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग शहर के होटल रामादा इंटरनेशनल में संपन्न हुआ। कॉन्फ्रेंस में पूरे देश से डेढ़ सौ चिकित्सकों ने भाग लिया तथा अपने अनुभव साझा किए।
वरीय चिकित्सक डॉक्टर आर पी सिंह की धर्मपत्नी डॉ रेनू सिंह के असमय मृत्यु पर शोक जाहिर करते हुए डॉक्टर वर्मा के आह्वान पर उपस्थित सभी चिकित्सकों ने खड़े होकर 1 मिनट का मौन रख कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस डॉक्टर मीट कान्फ्रेंस का आयोजन कैंट इंटरनेशनल फार्मास्यूटिकल्स के सोमनाथ दे, आशीष दे, कृष्णा दे के सौजन्य से आयोजित किया गया था। चिकित्सकों का हौसला बढ़ाते हुए अपने सर्वाधिक सफल नए अनुसंधान के विषय में भी जानकारी दिए। इस अवसर पर डॉक्टर यूएस वर्मा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। डॉक्टर वर्मा रांची पहुंच गए हैं और अपना कार्यभार संभाल लिया है।









