Ranchi: श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान का सभागार रविवार को कुछ यूं सजा मानो हिंदी शब्दों की महक से पूरा परिसर महक उठा हो। मौका था कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित हिंदी दिवस समारोह का। मंच पर बैठे वक्ताओं ने जब हिंदी की महत्ता पर बोले, दर्शक दीर्घा से तालियों की गूंज उठी। कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो ने कहा कि “हिंदी ने प्रशासन को सरल और जनता तक सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाई है। अब समय है कि इसे तकनीक और डिजिटल युग के साथ जोड़ा जाये। मातृभाषा हिंदी हमारी पहचान है, और इसे नई पीढ़ी तक सशक्त रूप से पहुंचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।” उन्होंने यह भी बताया कि विभाग का पत्राचार केंद्र सरकार तक हिंदी में ही होता है, जिससे हिंदी का दायरा और व्यापक बन रहा है।
साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित लेखिका व राम लखन सिंह यादव कॉलेज की सहायक प्राध्यापक डॉ. पार्वती तिर्की ने कहा कि हिंदी की गहराई में उतरना जरूरी है। यह सिर्फ संवाद का साधन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे नई पीढ़ी तक जीवंत रूप में पहुंचाना होगा। अन्य वक्ताओं ने हिंदी को बिजनेस, मैनेजमेंट, मेडिकल, इंजीनियरिंग, ई-गवर्नेंस और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया।
हिंदी दिवस प्रतियोगिताओं के विजेता
कार्यक्रम में निबंध और लघु कथा प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया।
निबंध प्रतियोगिता 2025
- प्रथम – जितेंद्र कुमार मुंडा, बारिसालडीह, रांची
- द्वितीय – हर्षिता कुमारी, चौली, गुमला
- तृतीय – प्रिया कुमारी, सोसोकलां, रामगढ़
लघु कथा प्रतियोगिता 2025
- प्रथम – युवराज शांतनु, रोहड़ाबांध, धनबाद
- द्वितीय – राहुल कुमार, महतोटोली, कर्रा
- तृतीय – अनुराधा कुमारी, कक्षा 10, आशुतोष बालिका उच्च विद्यालय, देवघर
इस अवसर पर सचिव कार्मिक विभाग प्रवीण टोप्पो, विशेष सचिव ओम प्रकाश साह, कवयित्री और शोधकर्ता डॉ. पार्वती तिर्की, पूर्व अध्यक्ष रांची विश्वविद्यालय डॉ. हीरानंद प्रसाद, तथा विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं गणमान्यजन मौजूद रहे।
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