Hazaribagh : हजारीबाग(Hazaribagh) में नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के सनसनीखेज मामले पर झारखंड हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुये सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की बेंच ने सोमवार को सुनवाई करते हुये राज्य के गृह सचिव, DGP और हजारीबाग(Hazaribagh) SP को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया।
हजारीबाग(Hazaribagh) कांड पर हाईकोर्ट का आदेश
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सबसे बड़ा सवाल यह उठाया कि “घटना 24 मार्च की, केस 25 को दर्ज हुआ, फिर 6 दिन बाद भी आरोपी गिरफ्त से बाहर क्यों?” पुलिस ने जवाब दिया कि रामनवमी के कारण कार्रवाई प्रभावित हुई, लेकिन कोर्ट इस दलील से संतुष्ट नहीं दिखा। इतना ही नहीं, अदालत ने फोरेंसिक जांच में देरी पर भी कड़ी नाराजगी जताई। पूछा गया कि अब तक पीड़िता के कपड़े जांच के लिए क्यों नहीं भेजे गये? पुलिस इस पर ठोस जवाब नहीं दे सकी।
कोर्ट ने साफ कहा कि “जांच पुलिस की जिम्मेदारी है, इसके लिए कोर्ट की अनुमति जरूरी नहीं।” सुनवाई के दौरान यह सवाल भी उठा कि कहीं जांच पर कोई राजनीतिक दबाव तो नहीं है। हालांकि पुलिस ने इससे इनकार किया। अदालत ने पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा को लेकर भी सख्त निर्देश दिये। साफ चेतावनी दी गई कि अगर उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी सीधे पुलिस प्रशासन की होगी। मामले की गंभीरता को देखते हुये हाईकोर्ट ने इसे आगे की सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस के पास ट्रांसफर कर दिया है।
इसे भी पढ़े :मनोकामना पूर्ति का दिन, जानिये कामदा एकादशी का महत्व
इसे भी पढ़े :भारत को मिला नया इंटरनेशनल हब, जेवर एयरपोर्ट का शुभारंभ
इसे भी पढ़े :नास्त्रेदमस की डरावनी भविष्यवाणी फिर वायरल
इसे भी पढ़े :Retired Brigadier : मॉर्निंग वॉक पर निकले रिटायर्ड ब्रिगेडियर की गो’ली लगने से मौ’त
इसे भी पढ़े :Iran–Israel : ईरान–इजरायल तनाव के बीच बाबा वेंगा की भविष्यवाणी फिर वायरल…









