Ranchi: कभी अपनी खनिज संपदा के लिये पहचाना जाने वाला झारखंड अब नई पहचान गढ़ने की तैयारी में है। ऐसी पहचान, जहां धरती के नीचे का खजाना ही नहीं, युवाओं के दिमाग की चमक भी विकास की नई इबारत लिखेगी। इसी सोच के साथ CM हेमंत सोरेन ने नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का शुभारंभ किया। देश-विदेश के उद्योग जगत, तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और नीति निर्माताओं के बीच CM ने साफ संदेश दिया कि झारखंड की पहचान केवल माइंस से नहीं, बल्कि माइंड्स से भी होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि वक्त बदल रहा है और झारखंड भी बदलाव की इस रफ्तार के साथ कदम मिलाकर चलना चाहता है। अब केवल संसाधनों के दोहन से बात नहीं बनेगी, बल्कि रिसर्च, इनोवेशन और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था ही राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जायेगी।
पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक का बनेगा मजबूत संगम
CM हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की मिट्टी में परंपरा की ताकत है और युवाओं में नई तकनीक को अपनाने का जज्बा। जब दोनों का संगम होगा, तब केवल झारखंड ही नहीं, पूरा देश भी इसका लाभ उठायेगा। उनका कहना था कि सरकार ऐसा विकास चाहती है जो हर वर्ग तक पहुंचे, रोजगार बढ़ाये और आने वाली पीढ़ियों के लिये मजबूत भविष्य तैयार करे।
AI, IT, और डिजिटल गवर्नेंस पर मंथन
कार्यक्रम के पहले दिन सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल गवर्नेंस और भविष्य की तकनीकों पर गहन चर्चा हुई। माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और आईबीएम समेत कई बड़ी तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने झारखंड में डिजिटल इकोसिस्टम मजबूत करने, आईटी निवेश बढ़ाने और राज्य को तकनीकी हब बनाने के लिये अपने सुझाव दिये। कार्यक्रम में झारखंड एआई पॉलिसी, इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी, टूरिज्म पॉलिसी, टेक्सटाइल पॉलिसी, जियाडा रेगुलेशंस और पीपीपी पॉलिसी के कॉन्सेप्ट पेपर भी हितधारकों के सामने रखे गये। सरकार ने विशेषज्ञों और उद्योग जगत से सुझाव मांगे, ताकि नीतियां और अधिक प्रभावी, रोजगारपरक तथा निवेशकों के लिये अनुकूल बन सकें।
सरकार और उद्योग जगत आमने-सामने
कार्यक्रम के दौरान बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) संवाद भी आयोजित हुआ। इसमें आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में निवेश, साझेदारी और रोजगार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। CM हेमंत सोरेन ने भरोसा दिलाया कि विशेषज्ञों से मिले सुझाव केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इन्हीं के आधार पर ऐसी नीतियां बनाई जायेंगी जो झारखंड को तकनीक, निवेश और रोजगार के नये दौर में मजबूत पहचान दिलायेंगी। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, उद्योग, श्रम एवं नियोजन मंत्री संजय कुमार यादव, पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह सहित कई आला अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं आईबीएम के तल्लीन कुमार, माइक्रोसॉफ्ट के संदीप अरोड़ा और गूगल के राजेश रंजन ने झारखंड में सूचना प्रौद्योगिकी की अपार संभावनाओं पर विस्तार से प्रस्तुति दी।
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