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पुराने झगड़े में मा’रा था, अब ताउम्र कटेगी जेल में…

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Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा की अदालत ने दो अलग-अलग हत्याकांडों के चार गुनहगार को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर समाज में न्याय के प्रति विश्वास को एक बार फिर जगा दिया। यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय प्रभात कुमार शर्मा की अदालत में सुनाया गया। पहले मामले में, हुसैन खान उर्फ हसनैन खान उर्फ शाह आलम और इमरान खान पर 2009 में सरफुद्दीन की हत्या का आरोप था। घटना उस समय हुई जब सरफुद्दीन अपनी पत्नी आयशा बीवी के साथ मायके जा रहे थे। बालीगढ़ गांव के पहाड़ के पास अचानक हमला हुआ, और उनकी जान चली गई। इस हत्या की जड़ था एक पुराना झगड़ा, चार साल पहले इमरान खान और आयशा बीवी की बहू के बीच विवाद हुआ था। इमरान खान ने लगातार मामले को दबाने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं बनी, तो उसने यह भयंकर कदम उठा लिया। अदालत ने दोनों गुनहगारों को कड़ी सजा सुनाई। जुर्माना भी लगाया गया।

दूसरे मामले में, रंका थाना क्षेत्र के उचरी गांव के झूमन भुइयां और बुद्धू भुइयां को भी उम्र कैद की सजा सुनाई गई। इन दोनों पर साल 2001 में मूलहर भुइयां और सरटू भुइयां की हत्या करने का इल्जाम लगा था। घटना की शुरुआत एक पारिवारिक विवाद से हुई थी, जो बाद में खूनी टकराव में बदल गयी। न्यायालय ने दोनों को दोषी पाते हुये सजा सुनाई। अदालत में बचाव पक्ष की पैरवी अधिवक्ता बृजदेव विश्वकर्मा और अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक उमेश दीक्षित ने की।

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