Ranchi (Sneha) : “मेरे बेटे हर्ष का कुसूर केवल इतना था कि वह अपनी बीवी को बेइंतहा प्यार करता था। उसके बिना एक पल भी उसे गुजारा नहीं था। दिन-रात बीवी की चिंता में खोए रहता था। चार महीने पहले ही दोनों ने लव मैरिज की थी। उसे बुलाता रहता था। न जाने क्यों बहू घर आने से साफ मना कर दी। दोनों में खटास बढ़ती चली गई। बहू अपने मायके चली गई थी। मेरा बेटा उसे लाने उसके मायके तक गया। पर उसे दुत्कार कर वहाँ से भगा दिया गया। इससे दुखी होकर बेटे ने खुदके बदन पर तेल छिड़क माचिस मार ली। बेटा मेरे सामने लहरता रहा चीखता रहा। मैं पड़ोसी चिंटू के घर से भागी-भागी आयी। उसे रिम्स में भर्ती कराया। 8 रोज बाद मेरा जवान बेटा मर गया।” यह कहना है बेवा सुनीता देवी का।
उसने बरियातू पुलिस को दिये अपने फर्द बयान में खुलासा किया कि वह अपने बेटे की खातिर बहू और उसके परिवार वालों के पास झुकने तक गई। बेटे की हालत उससे देखी नहीं जाती थी। वह बहू के बिना बावरा सा हो गया था। बहू को मनाने की दम भर कोशिश की। पर वह आने को राजी नहीं थी। पर बेटा इस जिद में रहा कि अगर वो नहीं आयी तो वह जीने नहीं सकेगा। दिवाली के बाद बहू को उसकी मां अपने घर ले गई। इससे पहले बेटे बहू में खूब झगड़ा झंझट होते रहा। अचानक बीते 23 नवंबर शाम 7 बजे उसने बेटे के चीखने की आवाज सुनी। तब वह पड़ोसी चिंटू के घर में थी। बाहर निकली तो बेटे को आग से लहरते देखा। उस काली रात को वह भूल नहीं पाती। उसके जीने का सहारा चला गया। 30 नवंबर की सुबह बेटा प्रेम उर्फ हर्ष चल बसा। पति पहले ही खो चुकी है। उसका मकसद अब केवल बेटे की मौत के जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाना है।
वहीं दूसरी तरफ हर्ष की पत्नी के घर के आसपास रहनेवाले कुछ लोगों ने बताया कि हर्ष का नानी घर लड़की के घर के ठीक बगल में है। हर्ष ज्यादातर अपने नानी के पास ही रहता था। इसी दरम्यान लड़का-लड़की दोनों एक दूसरे के करीब आ गये। दोनों ने लव मैरिज कर ली। छठ में लड़की अपने मायके आयी थी। फोन पर दोनों की खूब कहासुनी हुई थी। फिलहाल पुलिस लड़की पक्ष का बयान नहीं ले पाई है।
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