Hazaribagh (Sunil Sahu) : त्रिवेणी सैनिक कंपनी की कोयला ढुलाई करने वाला एक हाईवा जवान सुनील भुईंया के हंसते-खेलते परिवार को बर्बाद कर गया। सुनील बेमौत मारा गया। हाईवा ने उसे इस कदर रौंदा कि उसके शरीर के अंदर के सारे पार्ट-पूर्ज बाहर आ गये। सुनील ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उसके तीन छोटे-छोटे मासूम बच्चे हैं। यह दर्दनाक हादसा हजारीबाग के बड़कागांव थाना क्षेत्र के चेपाकला MCC-2 के चार नंबर गेट के पास हुआ। हादसे के बाद आसपास से जुटे लोग सड़क पर उतर आये। वहीं कंपनी को जमकर कोसा।
कुछ लोगों का इल्जाम था कि गिना नहीं जा सकता है कि अबतक त्रिवेणी सैनिक कंपनी की गाड़ियां कितनों की जान ले ली। सबसे दुखद बात यह है कि जब कभी हादसा होता है, तब कंपनी के दलाल एक्टिव मोड में आ जाते हैं। सबकुछ रफा-दफा कर दिया जाता है। वहीं कंपनी किसी भी जान की कीमत महज 5 लाख रुपये लगाती है। कंपनी के नुमाईदों का कहना है कि जो कोई कंपनी की गाड़ी से दबकर मरेगा, उसे 5 लाख रुपया ही बतौर मुआवाजा मिलेगा। मतलब, साफ है कि कंपनी की नजर में एक जान की कीमत 5 लाख।
कुछ लोगों का इल्जाम था कि कंपनी की गाड़ियां खासकर हाईवा पूरी तेज रफ्तार में चलती है। कहीं कोई ब्रेक नहीं। धूल उड़ाती कोयला लदी गाड़ियां से रोड पर साफ-साफ कुछ दिखाई भी नहीं देता, नतीजे हादसे होते रहते हैं। कंपनी की मनमानी को रोकने, टोकने या उन्हें देखने वाला भी कोई नहीं। मनमानी चरम पर है। नियम को दरकिनार कर बेखौफ गाड़ियों का आना-जाना लगा रहता है। रोती-बिलखती सुनील की मां सिर्फ इतना बोली, उसका बेटा मिट्टी लाने गया था, कंपनी का हाईवा उकरा चीप के मोराय देलेक। सुनील की मौत के बाद उसके घर में तहलका मच गया। गांव के लोग भी बेहद दुखी थे। गांव के लोग कंपनी की मनमानी और लापरवाही के कारण गोलबंद होकर आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना रहे थे।
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