Ranchi : कोरोना महामारी में अपनी जान जोखिम में डाल डॉक्टर तन-मन से दिन-रात लोगों की सेवा में जुटे रहे। घर में क्वारंटाइन मरीजों को भी ऑनलाइन सलाह-सुभाव दिया और उनका इलाज तक किया। डॉक्टरों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि हेल्थ मिनिस्टर बन्ना गुप्ता ने कहा, डॉक्टरों पर हमला राज्य सरकार के मान-सम्मान पर चोट करना है। हेमंत सोरेन और बन्ना गुप्ता के रहते किसी डॉक्टर का बाल बांका कोई नहीं कर सकता। जब तक डॉक्टर खुश नहीं रहेंगे, मरीजों के चेहरे पर खिलखिलाहट नहीं दिख सकती। जरूरी है कि डॉक्टरों के समर्पण को देखते हुए उनके मान-सम्मान का ख्याल रखा जाए।
वहीं जानी-मानी नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ भारती कश्यप ने कहा, समाज में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने इस आपदा में जान की बाजी लगा काम करने वाले डॉक्टरों के साथ बुरा बर्ताव तक किया। महिला चिकित्सकों तक को नहीं बख्शा गया। मौका था झारखंड ऑफ्थेल्मोलॉजिकल सोसाइटी द्वारा आयोजित कोरोना सम्मान समारोह का। इस समारोह में 45 नेत्र चिकित्सकों को कोरोना वॉरियर्स का सम्मान मिला।
वार्षिक वर्चुअल कांफ्रेंस के मंजुल पंत बेस्ट वीडियो सत्र के विजेता डॉ राहुल प्रसाद को गोल्ड मेडल दिया गया। डॉ वीएस गुप्ता बेस्ट फ्री पेपर के लिए डॉक्टर बिभूति कश्यप को गोल्ड मेडल से नवाजा गया। कोरोना काल में मरीजों की सेवा करते हुए शहीद हुए डॉ कृष्ण मुरारी शाह, डॉ सुजीत कुमार पाल और डॉ चंद्रिका किशोर ठाकुर के परिजनों को शॉल और मोमेंटो दिया गया। कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथि के रूप में IMA झारखंड के सेक्रेटरी डॉ प्रदीप कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ बीपी कश्पय, रिम्स नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ राजीव गुप्ता और IMA के प्रेसिडेंट डॉ शम्भू सिंह मौजूद थे।












