- कोटा में पतंग लूटते समय बच्चे की मौत, मांझे से झुंझनुं में बुजुर्ग का पैर कटा, सीकर में 13 और जयपुर में 4 लोग जख्मी
कोहराम लाइव डेस्क : राजस्थान में मकर संक्रांति का पर्व उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। करीब 10 महीने बाद यह पहला पर्व है, जिस पर कोरोना का असर नहीं दिख रहा है। लेकिन, उत्साह और उल्लास के इस पर्व के बीच कुछ हादसों की सूचनाएं भी मिल रही है। यह उल्लास में हादसों का गम है।
प्राप्त सूचनाओं के अनुसार, कोटा में पतंग लूटते समय एक बालक की मौत हो गई। पतंग लूटते समय वह ट्रेन के इंजन से टकरा गया। झुंझुनूं में पतंगबाजी के दौरान 70 साल के बुजुर्ग का पैर कट गया। सीकर में मांझे से 13 लोग घायल हो गए। सभी सरकारी अस्पताल पहुंचे हैं। जयपुर में अब तक 4 लोगों के चेहरे मांझे से कटने की खबर है। राजधानी जयपुर, सीकर, कोटा समेत कई शहरों में परिंदे भी मांझे में उलझकर जमीन पर गिरे मिले हैं।
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दौड़ते-दौड़ते रेलवे लाइन पर पहुंचा किशोर
कोटा में पतंगबाजी के उल्लास के बीच एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। यहां एक 14 वर्षीय किशोर की पतंग लूटते समय मौत हो गई। वह पतंग लूटते आकाश की ओर देखता रहा। आंखों से पतंग को निशाना बनाकर उसके पीछे-पीछे वह दौड़ता रहा और रेलवे लाइन पर पहुंच गया। यहां पटरी पर दौड़ते इंजन से वह जा टकराया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक कोटा के महात्मा गांधी कॉलोनी का रहने वाला है।
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10 से ज्यादा घायल पक्षियों का इलाज
झुंझुनूं में पतंगबाजी के दौरान 70 साल की बुजुर्ग का चाइनीज मांझे से पैर कट गया। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। महिला का नाम मोहिनी बताया जा रहा है। अब तक कुल 10 से ज्यादा घायल पक्षियों का इलाज किया जा चुका है। सामाजिक कार्यकर्ता डॉ अनिल खिचड़, सौरव कुमार, मुकेश दाधीच, अंकित कुमार और गौरव कुमार के सहयोग से यह कार्य किया गया।
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अजमेर में भक्ति की बयार
अजमेर की धार्मिक नगरी पुष्कर का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। यहां पुष्कर सरोवर तड़के से ही आबाद हो गया था। मंदिरों में श्रद्धालुओं की नियमित संख्या कई गुना दिखाई दे रही है। पुष्कर सरोवर में स्नान-ध्यान और मंदिरों में प्रभु की आराधना का सिलसिला लगातार चल रहा है।






