Ranchi : रांची के गरीब लाचार और बेबस बेटियों को पढ़ाने के लिए सरकार उन्हें 40 हजार रुपये देगी। कक्षा आठवीं, नौवीं, दसवीं, ग्यारहवीं एवं बारहवीं में पढ़ने वाली छात्राओं को यह लाभ मिलेगा। स्कूल से ड्रॉपआउट हो चुकी 18 से 19 साल की किशोरियों को चिन्हित कर उनकी लिस्ट तैयार करने को कहा गया है। करीब 55 हजार किशोरियों को यह लाभ देने का मन रांची जिला प्रशासन ने बनाया है। रांची के DC राहुल कुमार सिन्हा ने आज मीडिया को बताया कि किशोरियों को यह लाभ सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत मिलेगा। इसे लेकर आज एक जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर DC ने रवाना किया। बाल विवाह, दहेज प्रथा को खत्म करने और बेटियों को हाई एजुकेशन देने के मकसद से सरकार यह योजना लाई है। इस अवसर पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्वेता भारती एवं विभिन्न प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं महिला सुपरवाइजर एवं अन्य उपस्थित थे।
DC ने कहा कि जागरूकता उद्देश्य से जिला के सभी प्रखंड के लिए जागरूकता रथ रवाना किया गया है, जो प्रखंड अंतर्गत विभिन्न पंचायतों में भ्रमण कर योजना के तहत मिलने वाले लाभ, योजना की पात्रता एवं आवेदन करने की प्रक्रिया इत्यादि के संबंध में जानकारी साझा कर लोगों को जागरूक करेगाा ताकि योजना के शत प्रतिशत योग्य किशोरियों को लाभ प्रदान किया जा सके। DC ने कहा योजना का लाभ लेने हेतु संबंधित आंगनबाड़ी सेविका के माध्यम से बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कार्यालय में आवश्यक प्रमाण-पत्रों/अभिलेखों के साथ विहित प्रपत्र में आवेदन पत्र समर्पित किया जा सकता है। उन्होंने सभी सरकारी स्कूल की बच्चियों से योजना के तहत आवेदन देने की अपील की गई।साथ ही उन्होंने अभिभावकों से कहा कि योजना के लाभ के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करें और आवश्यक दस्तावेज के साथ ससमय आवेदन विद्यालय में जमा कराएं।
अच्छी शिक्षा के लिए झारखंड की बेटियों को मिलेगी 40000 रुपये की सहायता राशि
▪️ सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना अंतर्गत अच्छी शिक्षा के लिए झारखंड की बेटियों को 40000 रुपये की सहायता राशि मिलेगी। योजना के तहत कक्षा 8वीं में 2500, कक्षा 9वीं में 2500, 10वीं में 5000, कक्षा 11वीं में 5000, कक्षा 12वीं में 5000, 18 से 19 वर्ष की किशोरी को एक मुश्त 20000 बीस हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी।
योजना अंतर्गत आवेदन की प्रक्रिया निम्न प्रकार है:-
▪️ किशोरी अपने पोषक क्षेत्र के संबंधित आंगनबाड़ी सेविका के माध्यम से बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कार्यालय में आवश्यक प्रमाण-पत्रों/अभिलेखों के साथ विहित प्रपत्र में आवेदन पत्र समर्पित करेंगी। प्रमाण-पत्रों/अभिलेखों की स्व-अभिप्रमाणित छायाप्रति संलग्न करना होगा।
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