Ranchi : राज्य के राजस्व को लेकर सरकार अब बेहद सजग और सक्रिय हो चली है। बुधवार को आयोजित वाणिज्य-कर विभाग की प्रेस वार्ता में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने स्पष्ट किया कि हर विभाग को अब हर तीन माह पर राजस्व संग्रहण की समीक्षा करनी होगी, वहीं वे स्वयं हर छह माह में इसकी रिपोर्ट देखेंगे। प्रेस वार्ता की शुरुआत पहलगाम में हुई घटना में मारे गये लोगों को एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। मंत्री ने कहा कि 2010 से अब तक PL अकाउंट में पार्क की गई राशि की समीक्षा संवेदनशीलता के साथ की जा रही है। इसके लिए सभी विभागों से रिपोर्ट मांगी गई है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि बेहतर शिक्षा और रोजगार अवसरों के लिए वित्तीय अनुशासन बेहद ज़रूरी है। सचिवों को निर्देश दिया गया है कि अप्रैल के अंत तक या 7 मई तक सभी जिलों को योजनाओं की राशि आवंटित कर दी जाये।
राजस्व लक्ष्य के करीब पहुंची सरकार
वित्तीय वर्ष 2024-25 में वाणिज्य-कर विभाग ने 26,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 22,292.25 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहण किया है, जो 85.74% है।
🔸 SGST: 15,375 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध 14,210.10 करोड़ (92.42%)
🔸 VAT: 9,124 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध 6,618.51 करोड़ (72.54%)
🔸 पेशा कर: 88 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध 102.40 करोड़ (116.36%)
🔸 JED: 1,413 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध 1,361.24 करोड़ (96.34%)
5 वर्षों में 56% की वृद्धि
वित्त मंत्री किशोर ने बताया कि 2019-20 में जहां विभाग ने 14,286.27 करोड़ रुपये का संग्रह किया था, वहीं अब यह राशि बढ़कर 22,292.25 करोड़ पहुंच गई है, जो 56.04% की वृद्धि है।
नई कार्य योजना: 2025-26 में क्या बदलेगा?
- 26,500 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य तय
- खनन और विनिर्माण कार्य में प्रयुक्त डीजल पर कर दर में सुधार
- ATF पर टैक्स बढ़ाने की योजना
- नए System Integrator की नियुक्ति से पोर्टल इंटीग्रेशन और डेटा एनालिटिक्स में सुधार
- IRAU व STU यूनिट को और प्रभावी बनाया जाएगा ताकि कर अपवंचन पर कड़ी निगरानी रखी जा सके










