Ranchi : मजाल नहीं कोई गुंडा टैक्स दिये बगैर हमारे इलाके में घर बना ले। गुंडागर्दी और हुकूमत ऐसी कि बेखौफ किसी की भी खोपड़ी खोल देने का फरमान जारी कर देते हैं। पहले मर्डर कर भी चुके हैं। गिने-चुने एक ही परिवार के 6 भाईयों में से कुछ के आतंक की गाथा पुलिस फाइल में पहले से भी दर्ज है। हर किसी का जीना हराम कर रखा है। परिवार के मुखिया इन्हें ताकत और शह देते हैं। भाईयों में कुछ मर्डर केस में जेल तक जा चुके हैं। इस बात का जिक्र अरगोड़ा थाने में आज दर्ज किये गये एक एफआईआर में किया गया है। यह एफआईआर जेएमएम के वरिष्ठ नेता नवीन चंचल के बयान पर दर्ज की गई है। यूनिवर्सिटी के कुलपति के सचिव नवीन चंचल ने खुलासा किया कि घर बनाने के एवज में उनसे और उनके दोस्त अरविंद कुमार से बतौर रंगदारी एक लाख रुपये वसूल भी लिये गये। अब फिर से 9 लाख रुपये की डिमांड की जा रही है। रंगदारी नहीं देने पर ऊपर से नीचे तक गोलियों से छेद देने की खुलेआम धमकी देते हैं। पप्ली खान उर्फ अरशद खान पिस्तौल निकालकर सटा दिया। और बोला एक ईंटा भी जोड़ा तो यहीं मार देंगे। उनकी जमीन पर हो रहे काम को भी बंद करा दिया गया। मजदूरों को डरा-धमका कर भग दिया। रंगदारी मांगने वाले शकील खान, कल्लू खान, जानू खान, मानू खान, पप्ली उर्फ अरशद खान और बिट्टू खान की गुंडागर्दी के बारे में पुलिस को सबकुछ बता दिया गया है। ये सभी भाई हैं। इनके पिता असलम खान को जब उनके बेटों को करतूत के बारे में बताया गया तब वह भी हां में हां मिलाने लगे। आसपास के लोगों से इनकी गुंडागर्दी के बारे में सुनने के बाद हमदोनों ने आपस में तय किये कि इन गुंडों से उलझना खतरे से खाली नहीं, इस कारण उन्हें बतौर रंगदारी एक लाख रुपये दे दिये। अब 9 लाख रुपये फिर से रंगदारी मांग रहे हैं।
नवीन ने बताया कि वह और उनके दोस्त अरविंद कुमार ने 8 कट्ठा जमीन 2005 में एग्रीमेंट कराए। तब से उनका जमीन पर दखल कब्जा है। दोनों के नाम 4-4 कट्ठा जमीन है। 2005 से लेकर 2021 तक सबकुछ ठीक-ठीक था। उनकी जमीन पर बाउंड्री वॉल और मुख्य गेट भी लगा हुआ है। कुछ कमरे भी बने हुये हैं। बिजली कनेक्शन उनके नाम पर है। बोरिंग भी करा रखी है। बाउंड्री वॉल एक हिस्सा गिर गया था। इसे मरम्मत कराने का काम लगाया तो अब राजधानी में गुंडा टैक्स देने की नौबत आ गई। पुलिस फाइल में दर्ज इन भाईयों की गुंडागर्दी को करीब से जानने वाले एक शख्स ने सिर्फ इतना कहा कि जिनकी जेब में रिश्वत की चाभी होती है, उनके लिए हवालात के ताले ज्यादा दिनों तक बंद नहीं रहते।









