Kohramlive : अक्षय तृतीया के शुभ दिन पर भारत में सोने की खरीदारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि परंपरा और निवेश की डोर इस देश में अब भी मजबूत है। सोने की कीमत 94,361 रुपये प्रति दस ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर रही, वहीं देशभर में करीब 20 टन सोने की खरीदारी हुई, जिसका बाजार मूल्य 18,000 करोड़ रुपये के आसपास रहा। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई ने इस बार सबसे अधिक खरीदी का रिकॉर्ड बनाया। अकेले मुंबई में 2.5 टन सोने की बिक्री हुई, जिसकी कुल कीमत लगभग 2,350 करोड़ रुपये रही। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, दक्षिण भारत में इस बार आभूषणों की जोरदार बिक्री हुई, जबकि उत्तर भारत और मध्य भारत में बिक्री थोड़ी सुस्त रही। IBJA के प्रवक्ता सुरेंद्र मेहता ने मीडिया को बताया कि भले ही इस बार कीमतें ऊंची रहीं, पर उपभोक्ताओं ने उत्साह दिखाया। जहां 15% तक वॉल्यूम में गिरावट दर्ज की गई, वहीं मूल्य के हिसाब से मांग स्थिर रही। लोगों ने हल्के वजन और कम कैरेट वाले गहनों की ओर रुख किया, खासकर पुराने गहनों की अदला-बदली के जरिये। जेन डायमंड के एमडी नील सोनावाला का कहना है कि इस बार उपभोक्ता सिर्फ परंपरा के लिये नहीं, बल्कि इनवेस्टमेंट के नजरिये से भी खरीदारी करते नजर आये। हीरे जड़े हल्के गहनों, डिजाइनर ज्वेलरी और सोने के सिक्के खास पसंद बने। IBJA के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार जैन के मुताबिक, इस बार करीब 30% खरीदारी निवेशकों ने की, जिनमें 5 से 10 ग्राम तक के गोल्ड कॉइन और बार की मांग अधिक रही। पीएनजी ज्वेलर्स के सीएमडी सौरभ गाडगिल कहते हैं, “गुड़ी पड़वा के स्तर की ही खरीदारी देखी गई। करीब 50% ग्राहक पुराने सोने के बदले नई खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बजट मैनेज करना आसान हो गया।”
इसे भी पढ़ें :विदेश से लौटते ही क्या बोल गये CM हेमंत सोरेन… जानें
इसे भी पढ़ें :NSAB का पुनर्गठन, पूर्व RAW प्रमुख बने अध्यक्ष
इसे भी पढ़ें :भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ा तनाव, हॉटलाइन पर हुई बातचीत
इसे भी पढ़ें :“छोटे सरकार” को मिली एक रात की आजादी











