Varanasi : वाराणसी में गोधूलि बेला में अजब सा नजारा दिखा। गंगा तट पर 85 घाटों को खूबसूरत ढंग से सजाया-संवारा गया है। 11 क्विंटल फूलों से काशी विश्वनाथ धाम को सजाया गया है। 22 से ज्यादा दीये घाटों पक जगमग करेंगे। घाटों, कुंडों, तालाबों और सरोवरों की सजावट देखने लायक है। गंगा द्वार पर लेजर शो के जरिये काशी के महत्व को दर्शाया गया है।दोपहर से ही लोग घाटों पर आने शुरू हो गये। हर कोई देवों की दिवाली को देखने को बेताब थे। दीयों से घाट जगमगा उठे। उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर 85 घाटों पर 12 लाख और जन सहभागिता से लगभग 21 लाख से अधिक दीप जले। देव दिवाली के में आये पर्यटकों का स्वागत खुद CM योगी आदित्यनाथ ने किया।
CM योगी ने देव दीपावली का किया उद्घाटन
CM योगी ने विश्वविख्यात काशी की देव दीपावली का उद्घाटन किया। CM योगी ने 70 देशों के राजदूत और विदेशी प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पहला दीप जलाया। इसके बाद बाकी घाटों पर दीप प्रज्ज्वलन शुरू हुआ। यहां से मेहमानों के साथ वे क्रूज पर सवार होकर घाटों के अप्रतिम छटा निहारने के लिए निकले। गोधूलि बेल में दशाश्वमेध घाट पर मनमोहक गंगा आरती के साक्षी बने CM योगी। महाआरती में राम भक्ति और राष्ट्रवाद के साथ आध्यात्मिकता व सामाजिकता की भी झलक दिखी। महाआरती रामलला को समर्पित रही।

रामलला व राम मंदिर की झलक देखने को मिली
भक्तों को यहां रामलला व राम मंदिर की झलक देखने को मिली। दशाश्वमेध घाट पर अमर जवान ज्योति की अनुकृति बनाकर देश के वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। भारत के अमर वीर योद्धाओं को ‘भगीरथ शौर्य सम्मान’ से सम्मानित भी किया गया। 21 अर्चक व 51 देव कन्याएं ऋधि सिद्धि के रूप में दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की पूजा और आरती नारी शक्ति का संदेश भी देती रही। वाराणसी के घाट और सड़कों पर जगह-जगह रंगोली बनाई गई थी। रंग-बिरंगी रोशन से नहाती सड़कें में कहीं शिव मंत्र का जाप तो कहीं कथा हो रही है। सोमवार की गोधूलि बेला में भव्य देव दीपावली मनाई गई। उत्तरवाहिनी जाह्नवी के तट पर लाखों दीपों ने अद्भुत और अलौकिक छटा बिखेरी। सभी घाटों पर शंखनाद, भव्य महाआरती और घंट-घड़ियालों की ध्वनि से काशी की धरती पर देवताओं का स्वागत हुआ।
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